कटनी-सिंगरौली रेलखंड में बनेगी तीसरी और चौथी रेल लाइन, कोयला तथा सीमेंट उद्योगों को मिलेगा फायदा, 6779.87 करोड़ होंगे खर्च, रेलवे ने घोषित किया स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट

कटनी, यशभारत। कटनी-सिंगरौली रेलखंड में टै्रक दोहरीकरण के बाद अब इसमे तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण की योजना तैयार की गई है। कोयला परिचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण इस रेलखंड को कुछ ही समय पहले डबल टै्रक किया गया है। यात्री और माल परिवहन ढांचे को नई दिशा देने के लिए रेलवे नेटवर्क विस्तार की इस परियोजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। न्यू कटनी जंक्शन से सिंगरौली तक तीसरी-चौथी रेल लाइन परियोजना के साथ ही इटारसी-भोपाल-बीना रेलखंड पर चौथी रेल लाइन का भी निर्माण कराया जाएगा। जिससे रेलवे की संचालन क्षमता में इजाफा होगा। दोनों परियोजनाओं पर 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाने हैं। परियोजनाओं से न केवल ट्रेनों की इन लेटलतीफी कम होगी, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि इटारसी-भोपाल-बीना रेलखंड देश के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है तो एनकेजे से सिंगरौली रेलखंड माल परिवहन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता है। कोयला परिवहन से रेलवे को एक बड़ा राजस्व मिलता है। यही कारण है कि रेलवे ने अब इस रेलखंड में तीसरी और चौथी रेल लाइन विस्तार की योजना बनाई है।
9 सुरंग, 39 बड़े, 151 छोटे पुल, 43 ओवर और 39 अंडरब्रिज
इस परियोजना के पूर्ण होने से सिंगरौली की कोयला तथा कटनी के सीमेंट उद्योगों को लाभ मिलेगा। 4 हजार 329 करोड़ रुपए की इस परियोजनाा में 9 सुरंग, 39 बड़े और 151 छोटे पुल, 43 ओवरब्रिज और 39 अंडरब्रिज बनेंगे। जबलपुर रेल मंडल के अंतर्गत न्यू कटनी जंक्शन से सिंगरौली तक तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को भारत सरकार ने स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट घोषित किया है 264 किलोमीटर के इस कॉरिडोर पर 6779.87 करोड़ खर्च किए जाएंगे। परियोजना कटनी, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली जिलों से होकर गुजरेगी। इससे सिंगरौली की कोयला और ऊर्जा बेल्ट तथा कटनी के सीमेंट व खनिज उद्योगों को इससे सबसे अधिक फायदा होगा।
एक नजर इधर भी
एनकेजे-सिंगरौली तीसरी-चौथी रेल लाइन
लंबाई : 264.070 किलोमीटर
ट्रैक विकास : 578.675 किलोमीटर
लागत : 6779.87 करोड़ रुपए
समय सीमा : 4 वर्ष







