
बाराबंकी | बाराबंकी जनपद के देवा थाना क्षेत्र में देवा-बाराबंकी मार्ग पर स्थित ग्वारी गांव से डकैती की एक दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। शुक्रवार भोर तड़के 7 अज्ञात असलहाधारी डकैतों ने एक घर और किराने की दुकान को निशाना बनाते हुए करीब 1 घंटे तक तांडव मचाया। डकैतों ने तमंचे के बल पर मासूम बच्चों और महिलाओं सहित पूरे परिवार को बंधक बना लिया और घर से 12 लाख रुपये नगद तथा 90 लाख रुपये की घरेलू ज्वेलरी (कुल करीब 1 करोड़ 2 लाख रुपये) लूटकर फरार हो गए। इस बड़ी वारदात से पूरे इलाके में खौफ का माहौल है।
ग्वारी गांव निवासी आलोक जायसवाल के घर के निचले हिस्से में उनके बेटे हिमांशु जायसवाल नाम से थोक किराने की दुकान है, जिसे उनका बेटा हिमांशु जायसवाल और खुद आलोक जायसवाल संभालते हैं और परिवार ऊपर रहता है। इन दिनों उनकी दो शादीशुदा बेटियां भी मायके आई हुई थीं। शुक्रवार तड़के करीब 3:21 बजे डकैत पीछे के दरवाजे की कुंडी तोड़कर दुकान और घर में दाखिल हुए। डकैतों ने आलोक जायसवाल, उनकी पत्नी, बेटे, बहू और दोनों बेटियों और बेटियों के एक 2 साल के बच्चे को असलहे की नोंक पर ले लिया और शोर मचाने पर आलोक सहित पूरे परिवार के मुंह पर फिल्मी अंदाज में टेप चिपका दिया। इस दौरान डर कर रोने लगे छोटे बच्चों को डकैतों ने बेरहमी से पीटा भी।तड़के 3:21 बजे से लेकर सुबह 4:22 बजे तक, पूरे 1 घंटे तक डकैत घर की अलमारियों और लॉकरों को खंगालते रहे। नगदी और जेवरात समेटने के बाद डकैत आराम से फरार हो गए। उनके जाने के बाद पीड़ित परिवार ने खुद को मुक्त कराकर पुलिस को सूचना दी।
1 करोड़ से ऊपर की डकैती की खबर से महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी ने स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस का कहना है कि खुलासे के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।






