जयपुर ट्रांजिट मामले में नया मोड़: जमानत के बावजूद हिरासत में आरोपी, हाईकोर्ट ने जांच के दिए निर्देश
कोर्ट ने अलग-अलग बयान दर्ज करने के दिए आदेश

जबलपुर,यशभारत। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में खिजर खान बनाम राज्य सहित अन्य मामलों की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपियों को मध्य प्रदेश से जयपुर ले जाने की प्रक्रिया पर गंभीर रुख अपनाया है। कोर्ट ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए हैं कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराई जाए। सुनवाई के दौरान राजस्थान पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता ने बताया कि आरोपियों को 22 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर उसी दिन मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था, जिसके बाद उन्हें पुलिस और फिर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। साथ ही यह भी बताया गया कि आरोपियों को जयपुर की अदालत से जमानत मिल चुकी है, लेकिन शर्तों के पालन के कारण वे अभी रिहाई की प्रक्रिया में हैं।
वहीं, याचिकाकर्ता पक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि उन्हें मध्य प्रदेश से जयपुर ले जाने में अनियमितताएं हुई हैं। मामले में मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने सीसीटीवी फुटेज भी प्रस्तुत किए, जिन्हें महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया गया।
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मध्य प्रदेश पुलिस के संपर्क से लेकर जयपुर में पेशी तक के पूरे घटनाक्रम के अलग-अलग बयान दर्ज किए जाएं। इसके बाद सभी साक्ष्य जयपुर की संबंधित अदालत को भेजे जाएंगे, ताकि जमानत की शर्तों का पालन सुनिश्चित हो सके। सुनवाई में यह भी सामने आया कि पूरा मामला भोपाल और जयपुर के पुलिस अधिकारियों के बीच हुई मौखिक बातचीत के बाद शुरू हुआ था।







