आउटसोर्स कर्मचारियों के हक की लड़ाई तेज, 12 सूत्रीय मांगों के साथ कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन सामाजिक सुरक्षा, समान वेतन और ठोस नीति की मांग बिचौलिया प्रथा खत्म करने पर जोर

- आउटसोर्स कर्मचारियों के हक की लड़ाई तेज, 12 सूत्रीय मांगों के साथ कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
सामाजिक सुरक्षा, समान वेतन और ठोस नीति की मांग बिचौलिया प्रथा खत्म करने पर जोर
भोपाल यश भारत । भोपाल में प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। भारतीय मजदूर संघ की ओर से कलेक्टर भोपाल को 12 सूत्रीय मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारियों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की गई । ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के अलग अलग विभागों, उद्योगों और संस्थाओं में बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं लेकिन उन्हें न तो पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा मिल रही है और न ही श्रम कानूनों का सही तरीके से पालन हो रहा है। संगठन ने इसे कर्मचारी और प्रदेश दोनों के हित के खिलाफ बताया। संगठन ने सरकार से मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट और मजबूत नीति बनाई जाए जैसे आउटसोर्स सर्विस सिक्योरिटी एक्ट या निगम , मंडल का गठन, ताकि कर्मचारियों को स्थायित्व और उचित वेतन मिल सके। साथ ही श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में यह भी प्रमुखता से कहा गया कि कर्मचारियों से 8 घंटे से अधिक काम लेने पर अतिरिक्त समय का भुगतान किया जाए और वेतन सीधे विभाग द्वारा दिया जाए जिससे बिचौलिया प्रथा खत्म हो सके। हर महीने की 7 तारीख तक वेतन भुगतान और वेतन पर्ची उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। भारतीय मजदूर संघ ने अनुभव के आधार पर वेतन वृद्धि और नियमित भर्ती में प्राथमिकता देने की बात कही है। साथ ही बिना ठोस कारण कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की प्रथा पर रोक लगाने और किसी भी शिकायत पर उच्च स्तरीय जांच के बाद ही कार्रवाई करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में सभी कर्मचारियों को ईएसआई, ईपीएफ और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ देने समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने तथा 62 वर्ष की आयु तक सेवा में बनाए रखने के प्रावधान करने की बात भी शामिल है। इसके अलावा सेवा समाप्ति के मामलों में अपील के लिए विभागीय स्तर पर कमेटी गठित करने की मांग की गई है, ताकि कर्मचारियों को न्याय मिल सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा







