भोपाल बनेगा युवा नेतृत्व का मंच, दो दिवसीय विधायक सम्मेलन में विकसित भारत 2047 पर मंथन

भोपाल बनेगा युवा नेतृत्व का मंच, दो दिवसीय विधायक सम्मेलन में विकसित भारत 2047 पर मंथन
भोपाल यश भारत। भोपाल में सोमवार से शुरू हो रहा युवा विधायकों का दो दिवसीय सम्मेलन देश के भविष्य और लोकतांत्रिक मजबूती पर गंभीर विमर्श का केंद्र बनने जा रहा है। 30 और 31 मार्च तक आयोजित इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान के 55 युवा विधायक एक मंच पर जुटेंगे। राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र 6 के तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य युवा जनप्रतिनिधियों को लोकतंत्र नीति निर्माण और जनभागीदारी जैसे विषयों पर विचार साझा करने का अवसर देना है। उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की मौजूदगी इस आयोजन को विशेष महत्व देगी , सम्मेलन के पहले दिन लोकतंत्र और नागरिक भागीदारी को मजबूत करने में युवा विधायकों की भूमिका विषय पर चर्चा होगी, जिसमें जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों और उनकी सक्रिय भागीदारी पर फोकस रहेगा।
दूसरे दिन भविष्य के भारत की रूपरेखा पर चर्चा
सम्मेलन के दूसरे दिन ‘विकसित भारत 2047 युवा विधायकों के दायित्व और चुनौतियां’ विषय पर गहन मंथन किया जाएगा। इसमें नीति विकास और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर विचार रखे जाएंगे। एमआईटी पुणे के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड भी विशेष संबोधन देंगे। 31 मार्च को समापन समारोह में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार की उपस्थिति भी रहेगी। यह सम्मेलन न केवल युवा विधायकों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर देगा, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और देश के भविष्य निर्माण में उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।







