सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ जिले के सागर-दमोह मार्ग पर स्थित चना टोरिया टोल प्लाजा के पास शनिवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया। गढ़ाकोटा के प्रतिष्ठित डॉ. नीलेश पटेल की चलती कार में अचानक लगी भीषण आग ने उनकी पत्नी सीमा पटेल की जीवनलीला समाप्त कर दी। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई और सीमा पटेल को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। इस सनसनीखेज मामले में तब नया मोड़ आ गया, जब मृतिका के मायके पक्ष ने इसे महज हादसा न मानते हुए एक ‘नियोजित हत्या’ और ‘सोची-समझी साजिश’ करार दिया है।
धूँ-धूँ कर जली कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. नीलेश पटेल अपने परिवार के साथ कार में सवार होकर जा रहे थे। जैसे ही उनकी कार चना टोरिया टोल प्लाजा के पास पहुँची, अचानक वाहन से लपटें उठने लगीं। चश्मदीदों के मुताबिक, आग इतनी भयावह थी कि पल भर में पूरी कार उसकी चपेट में आ गई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की चीख-पुकार और धू-धू कर जलती कार के बीच डॉ. नीलेश और कार में सवार दो अन्य लोग तो सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन बदकिस्मती से सीमा पटेल कार के भीतर ही फंसी रह गईं। जब तक बचाव की कोशिशें की जातीं, आग ने सब कुछ राख कर दिया था।
सवालों के घेरे में ‘डॉक्टर पति’: परिजनों का बड़ा आरोप
इस पूरे घटनाक्रम में मृतिका सीमा पटेल के भाई और मायके पक्ष के लोगों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का सीधा आरोप है कि यदि कार में सवार अन्य सभी लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, तो केवल सीमा ही अंदर कैसे फंसी रह गईं? परिजनों ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताते हुए डॉ. नीलेश पटेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटनास्थल पर मौजूद परिजनों का आक्रोश और चीखें चीख-चीखकर इसे ‘नियोजित कांड’ बता रही थीं। उन्होंने शासन-प्रशासन से इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी पुलिस की कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सानौधा पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम तत्काल मौके पर पहुँची। सानौधा थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर ने ‘यश भारत’ के संभागीय ब्यूरो से चर्चा करते हुए बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना प्रभारी के अनुसार, “FSL टीम की तकनीकी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। इन रिपोर्टों के आधार पर जांच के दायरे को बढ़ाया जाएगा और वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”
जांच के घेरे में तकनीकी पहलू
पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई मानवीय हस्तक्षेप था। क्या कार का सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम फेल हो गया था? या फिर कोई और वजह थी जिसके कारण सीमा पटेल बाहर नहीं निकल सकीं? पुलिस डॉ. नीलेश पटेल और चश्मदीदों के बयानों का मिलान कर रही है। फिलहाल, इस खौफनाक हादसे ने पूरे गढ़ाकोटा और सागर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ दी है और हर कोई पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहा है।
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