30 बमों की बारिश में खत्म हुआ 36 साल का राज! खामेनेई की मौत से हिला ईरान

नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। बताया जा रहा है कि हमले के वक्त खामेनेई अपने आवासीय परिसर में एक अहम बैठक कर रहे थे। खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए इस ऑपरेशन में उनके ठिकाने पर 30 से अधिक बम गिराए गए।
30 बमों से किया गया हमला
The Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल और अमेरिका ने खामेनेई के कंपाउंड को निशाना बनाते हुए करीब 30 बम गिराए। सैटेलाइट तस्वीरों में हमले से पहले परिसर पूरी तरह सुरक्षित दिखाई दे रहा था, लेकिन हमले के बाद वह पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया।
शनिवार सुबह अचानक हमला
सूत्रों के मुताबिक, शनिवार सुबह सबसे पहले इजरायल ने ईरान पर हवाई हमला किया। इजरायली सेना ने प्रारंभिक बयान में दावा किया कि खामेनेई मारे गए हैं। इसके बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर इस दावे का समर्थन किया। कुछ ही देर बाद ईरान की सरकारी मीडिया ने भी खामेनेई के निधन की पुष्टि कर दी।
अमेरिका को खुली चुनौती दे रहे थे खामेनेई
खामेनेई लंबे समय से अमेरिका, विशेष रूप से ट्रंप प्रशासन की नीतियों के आलोचक रहे थे। पिछले वर्ष अमेरिका ने ईरान के कथित परमाणु ठिकानों पर बी-2 बॉम्बर से हमला किया था, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया था। हालांकि उस हमले के बाद भी खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी थी।
विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार इजरायल को खामेनेई के अपने परिसर में मौजूद होने की सटीक जानकारी मिल गई थी, जिसके बाद संयुक्त रूप से यह बड़ा सैन्य अभियान चलाया गया।
इस हमले के साथ ही ईरान में पिछले 36 वर्षों से जारी नेतृत्व का अंत हो गया है और अब देश की राजनीतिक दिशा को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।







