एमपी में सिविल जज परीक्षा के रिजल्ट पर प्रदेश की राजधानी भोपाल विरोध प्रदर्शन

एमपी में सिविल जज परीक्षा के रिजल्ट पर प्रदेश की राजधानी भोपाल विरोध प्रदर्शन
मांगे नहीं मानी गई तो संविधान दिवस के दिन करेंगे बड़ा आंदोलन दामोदर यादव दलित पिछड़ा समाज संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष
अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित पद रह गए खाली
भोपाल,यशभारत: मध्य प्रदेश में हाल ही में सिविल जज परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए। इन नतीजों पर दामोदर यादव ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ये नतीजे एक बार फिर गंभीर प्रश्न खड़ा करते हैं कि क्या हमारी व्यवस्था हर वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराने में सफल नहीं हो पा रही है 121 रिजर्व सीटों पर नहीं हुई भर्ती उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि 191 पदों के लिए परीक्षा हुई, लेकिन अंततः केवल 47 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित 121 पदों पर एक भी चयन नहीं हो सका। यह स्थिति किसी भी संवेदनशील राज्य के लिए चिंता का विषय है। सिविल जज परीक्षा के परिणाम घोषित होते ही पूरे प्रदेश में एक व्यापक और स्वाभाविक बहस शुरू हो गई है। लोग यह समझना चाहते हैं कि इतने बड़े पैमाने पर आरक्षित पद रिक्त रह जाना क्या किसी गहरी संरचनात्मक कमी की ओर संकेत करता है यह चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कई स्तरों पर स्पष्टता की आवश्यकता है, चाहे वह परीक्षा प्रणाली के तकनीकी पहलू हों, तैयारी के संसाधनों का असमान वितरण हो, या फिर सामाजिक और शैक्षिक पृष्ठभूमि का प्रभाव।







