मेडिकल में सक्रिय खून के दो दलाल रंगे हाथों पकड़े गए
रक्तदान समिति ने कराया गिरफ्तार,ब्लड बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

जबलपुर,यशभारत। संभाग के सबसे बड़े नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक बार फिर खून कि कालाबाज़ारी का मामला सामने आया है। शनिवार को अस्पताल परिसर में सक्रिय दो दलालों को 5 हजार रुपए में एक यूनिट खून बेचने का सौदा करते हुए सुरक्षा एजेंसी के कर्मियों ने रंगेहाथ पकड़ लिया। मामले की जानकारी मिलते ही गढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान अन्नू और जॉनसन के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ समय से अस्पताल परिसर में खून का अवैध कारोबार कर रहे थे।
ब्लड डोनेशन संस्था ने ट्रैप किया दलालों को
दलालों को पकड़ने के लिए एक ब्लड डोनेशन संस्था ने जरूरतमंद मरीज के लिए रक्त की व्यवस्था के लिए अस्पताल परिसर में मौजूद दो युवकों अन्नू और जॉनसन से हुई। दोनों ने कहा कि वे तुरंत 5 हजार रुपए में ब्लड की व्यवस्था कर देंगे, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह “प्राइवेट” रहेगी।संस्था के सदस्यों को मामला संदिग्ध लगा। उन्होंने तुरंत अस्पताल की सुरक्षा एजेंसी को इसकी सूचना दी।सुरक्षा कर्मियों ने योजना बनाकर दोनों दलालों को रंगेहाथ पकड़ लिया, जब वे सौदा पक्का कर नकद राशि ले रहे थे।
गढ़ा पुलिस जांच में जुटी
गार्डों ने तुरंत गढ़ा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुँची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि वे किन लोगों से संपर्क में थे और क्या अस्पताल के अंदर किसी कर्मचारी की मिलीभगत थी।सूत्रों के अनुसार, यह संभावना जताई जा रही है कि दोनों लंबे समय से अस्पताल में आने वाले जरूरतमंद मरीजों और परिजनों को निशाना बनाकर उनसे पैसे लेकर खून की व्यवस्था करते थे।
अस्पताल प्रबंधन ने सख्त कार्रवाई का किया दावा
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अस्पताल परिसर में खून या किसी भी तरह के अवैध सौदेबाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसी को निर्देश दिया है कि ब्लड बैंक के आसपास निगरानी और कड़ी की जाए तथा आने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति की जांच की जाए।






