कैमोर हत्याकांड : सामान्य हो रहे हालात, संवेदनशील स्थानों पर अब भी चौकसी
प्रिंस के पिता के सुसाइड एंगल की भी होगी जांच, हालत सुधरते ही कोर्ट में पेश होंगे आरोपी, रिमांड पर होगी पूछतांछ

कटनी, यशभारत। उद्योगनगरी कैमोर में अब हालात धीरे धीरे सामान्य हो रहे हैं। आरोपियों के शार्ट एनकाउंटर और नीलेश रजक के अंतिम संस्कार के बाद लोगों का आक्रोश थमा है, फिर भी पुलिस और प्रशासन सारी स्थितियों पर बारीक निगाह रखे हुए हैं। एडिशनल एसपी डॉ संतोष डहरिया ने आज सुबह यशभारत को बताया कि कल रात्रि के बाद हालात नियंत्रित होते ही आधा पुलिस बल हटा लिया गया है। एसएएफ के जवान और होमगार्ड वापस लौट आए हैं, तथापि कैमोर के प्रमुख चौराहों और अन्य संवेदनशील स्थलों पर अब भी पुलिस तैनात है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस और प्रशासन ने जिस सूझबूझ का परिचय दिया उसकी सर्वत्र सराहना की जा रही है। आला अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। हत्याकांड के बाद कैमोर की फिजा बिगड़ी जरूर लेकिन पुलिस की तत्परता ने 24 घंटे में हालात काबू में कर लिए।
इस घटनाक्रम में कुछ रहस्य पर्दे के पीछे भी हैं, जिनका खुलासा आने वाले दिनों में होगा। पुलिस की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ेगी, कुछ और भी जानकारियां निकलकर सामने आएंगी, जिनके कनेक्शन कुछ बाहरी लोगों से हो सकते हैं। आरोपी प्रिंस के पिता जोसेफ द्वारा घटना के कुछ समय बाद ही अपने घर में फांसी लगाकर सुसाइड करने और उसकी मां द्वारा जहर खाकर खुद को खत्म करने की कोशिशों के पीछे की असल स्टोरी अभी सामने आना बाकी है। इस कांड में यह महत्वपूर्ण एंगल है। सूत्र बताते हैं कि जोसेफ द्वारा फांसी लगाने के पहले उसके घर पर कुछ लोग पहुंचे थे और धमकाया भी था। प्रारंभिक रूप से यही माना गया कि अपने पुत्र प्रिंस की मर्डर में संलिप्तता को वे बर्दाश्त नहीं कर सके और आत्मघाती कदम उठा लिया। अभी इस मैटर पर पुलिस की जांच ज्यों ज्यों आगे बढ़ेगी, कुछ नई जानकारी सामने आ सकती है। एएसपी संतोष डहरिया कहते हैं कि सुसाइड वाले मामले में भी जांच होगी और दोनों आरोपियों से पूछताछ भी होगी। फिलहाल हत्याकांड के दोनों आरोपी अकरम और प्रिंस का जबलपुर के सर्वोदय अस्पताल में पुलिस की निगरानी में इलाज चल रहा है। पुलिस से हुई मुठभेड़ में दोनों के हाथ पैर में गोली लगी है। जानकारी के मुताबिक जब ये चलने लायक हो जाएंगे तब इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा और इन्हें रिमांड पर लेने का आवेदन लगेगा, ताकि इस हत्याकांड के बारे में पूछताछ की जा सके।
नीलेश की पत्नी ने खोले कुछ और नाम ?
उधर मीडिया से बात करते हुए मृतक नीलेश रजक की पत्नी सुचिता रजक ने खुलासा किया हैं कि घटना के कुछ दिन पहले से उनके पति को धमकियां मिल रही थीं। सुचिता ने कुछ लोगों के नाम भी लिए है, जिसमें भाजपा के ही एक पदाधिकारी शामिल हैं, जबकि नीलू रजक भाजपा का ही कार्यकर्ता था और पूरी पार्टी उसके अंतिम संस्कार में शामिल हुई। सुचिता का कहना हैं कि नीलेश कट्टर हिंदू थे, और गौरक्षा के लिए भी काम करते थे, इसलिए कुछ लोगों के आंखों की वे किरकिरी बने हुए थे। हत्या की वजह केवल लड़की के साथ छेड़खानी को रोकना ही था, या इसमें और भी कुछ वजहें शामिल है, इस रहस्य से भी आने वाले दिनों में पर्दा उठ सकता है।








