राजधानी की सडक़ों पर पुलिस का कब्जा

राजधानी की सडक़ों पर पुलिस का कब्जा
– जब्ती के वाहनों को रोड पर खड़ा कर अवरूद्ध कर रहे मार्ग
– कोहेफिजा, टीटी नगर में रोजाना बन रहे जाम के हालात
अरविंद कपिल, भोपाल। राजधानी भोपाल की बिगड़ी यातायात व्यवस्था को दुरुस्त कर पाना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। हालात यह है कि लोगों को रोजाना जाम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। सबसे खास बात तो यह है कि यातायात व्यवस्था को बिगडऩे में शहर के थाने ही अहम भूमिका निभा रहे है। दरअसल शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में से एक कोहेफिजा और टीटी नगर के सामने ही जब्ती के वाहनों को रोड पर खड़ा कर दिया गया है। जिसके चलते रोजाना ही यहां जाम की स्थिति बन रही है। यशभारत टीम ने दोनों थानों के सामने खड़े वाहनों की स्थिति का जायजा लिया तो चौंकाने वाले नजारे सामने आए हैं। कोहेफिजा थाने के सामने मुख्य सडक़ पर जब्ती के वाहनों की कतार लगी हुई है वहीं टीटी नगर थाने के बाहर वाहनों के खड़ा कराया गया है। कई वाहनों से तो सामान भी गायब हो चुका है। इस संबंध में दोनों ही थानों के प्रभारियों का कहना है कि रोड पर खड़े जब्ती के वाहनों से जाम नहीं लग रहा है। वहीं डीसीपी टै्रफिक जितेंद्र सिंह पवार अब थाना प्रभारियों को पत्र लिखने की बात कह रहे हैं।
कहां क्या है स्थिति
स्थिति एक – कोहेफिजा थाना –
कोहेफिजा थाने में जगह की भारी कमी के चलते कई जब्त वाहनों को थाने के बाहर बीच मेन रोड पर खड़ा करना पड़ रहा है। इस कारण कोहेफिजा क्षेत्र में अक्सर गंभीर जाम की स्थिति बन जाती है,
जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थिति दो
टीटी नगर थाना – टीटी नगर –
टीटी नगर थाने के सामने ही मुख्य गेट के सामने कई वाहन खड़े हुए हैं। यहां पर थाने की दीवार के पास वाहनों को खड़ा कराया गया है। कई वाहन गंभीर अपराधों में जब्त किए गए हैं। यहां खड़े वाहनों की हालत यह है कि सिर्फ ऊपरी ढांचा ही बचा हुआ है।
जब्ती के वाहनों के निपटारे में देरी के मुख्य कारण
पुलिसकर्मियों के अनुसार, निपटारे में देरी के दो मुख्य कारण हैं। अधिकांश मामलों में वाहन स्वामी पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए अपने वाहन छुड़ाने सामने नहीं आते। वहीं वाहनों को नीलाम करने की कानूनी प्रक्रिया बेहद जटिल है। चोरी या अन्य अपराधों में जब्त वाहनों का निराकरण अदालत के आदेश के बाद ही संभव होता है, जिससे प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है।
नीलामी अभियान से मिली आंशिक राहत
भोपाल पुलिस प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए जब्त वाहनों की नीलामी का अभियान तेज किया है। हाल ही में, कोतवाली थाने और अन्य थानों में 25 पुलिस एक्ट के तहत जब्त वाहनों की नीलामी की गई, जिससे लाखों रुपये का राजस्व शासन को प्राप्त हुआ है। हालांकि, नीलामी में सिर्फ अच्छे वाहन ही बिक पाते हैं, जबकि कंडम हो चुके वाहनों के कारण थानों में जगह की कमी बनी हुई है।
थाना प्रभारियों ने दिया यह तर्क
जब्त वाहनों को थाने के सामने व्यवस्थित रखा गया है। किसी तरह का यातायात बाधित नहीं होता है। यदि कभी जाम की स्थिति बनती है तो वाहनों को दूसरी जगह रखवा दिया जाता है – के जी शुक्ला, टीआई, कोहेफिजा
जब्ती के वाहनों की नीलामी की तैयारी कर ली गई है, मामलों के अनुसार इन वाहनों की नीलामी कराई जाएगी। न्यायालय से जो भी आदेश प्राप्त होंगे उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे। – गौरव दोहारे, टीआई, टीटी नगर
जोन के डीसीपी को पत्र लिखा जाएगा
जिन थानों में जब्त वाहनों की वजह से यातायात बाधित हो रहा है, उस ज़ोन के डीसीपी को पत्र लिखा जाएगा और थाना प्रभारी को भी अवगत कराया जाएगा कि इन वाहनों को व्यवस्थित करें ताकि आम जनता को होने वाली परेशानी खत्म हो।
– जितेंद्र सिंह पवार, डीसीपी ट्रैफिक , भोपाल







