बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन अंबेडकर पार्क में कल करेगा प्रदर्शन

बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन अंबेडकर पार्क में कल करेगा प्रदर्शन
– बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर जताया जा रहा विरोध
भोपाल यशभारत। स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोग बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर परेशान है। विद्युत वितरण कंपनी भी लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही है। स्मार्ट मीटर के विरोध में बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन द्वारा ६ अक्टूबर को भोपाल में प्रदर्शन किया जाएगा। ११ सूत्रीय मांगों को लेकर यह प्रदश्रन किया जाएगा। डॉ अंबेडकर पार्क में प्रदेश भर से कार्यकता जुटेंगे व स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन करेंगे। एसोसिएशन की प्रदेश संयोजक रचना अग्रवाल और लोकेश शर्मा ने बताया, मध्यप्रदेश सहित देशभर में बिजली उपभोक्ताओं द्वारा बिजली के प्री-पेड स्मार्ट मीटर का विरोध किया जा रहा है। हाल ही में इसके दुष्परिणाम भी सामने आए हैं।
पदाधिकारी बोले-प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थिति ठीक नहीं
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर से अत्यधिक बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या मध्यप्रदेश के सभी जिलों में है। उपभोक्ताओं का कहना है कि हर माह बिल भरने के बावजूद बढ़ा हुआ बिल मिल रहा है। एक कमरे में रहने वाले लोगों का बिल भी पांच हजार रुपए है। वहीं जिन घरों में लोग नहीं रह रहे हैं उनमें भी बिल आ रहा है। पदाधिकारियों का कहना है कि एक जिले में तो किसान का बिल दो लाख रुपए तक आया हे, लोग गहने व बर्तन बेचकर भी बिल जमा कर रहे हैं।
सरकार से यह की जा ही मांग मांगें
– बिजली जैसे आवश्यक सेवा क्षेत्र के निजीकरण की नीति रद्द की जाए।
– बिजली संशोधन विधेयक 2022 को पूरी तरह रद्द किया जाए किसी भी नाम पर लागू न किया जाए।
स्मार्ट मीटर लगाने की नीति को रद्द किया जाए।
– बिजली के बिल हार्ड कॉपी के रूप में और पोस्टपेड ही दिया जाए।
– स्मार्ट मीटर जो लगाए गए हैं, उन्हें हटाकर पुराना डिजिटल मीटर ही लगाया जाए।
– स्मार्ट मीटर के विरोध की प्रक्रिया में विभिन्न बिजली उपभोक्ताओं पर जो एफआईआर दर्ज की गई है, केस बनाए गए हैं, उन्हें निरस्त किया जाए।
– आम उपभोक्ताओं के अनुचित रूप से बढ़े हुए बिलों को (स्मार्ट मीटर और डिजिटल दोनों ही मीटरों द्वारा दिए बिलों को) रद्द किए जाए।
– भविष्य में भी उपभोक्ताओं को उचित व तार्किक बिल ही दिए जाए।
– बिजली के रेट कम से कम होने चाहिए जिससे गरीब उपभोक्ता भी बिल भर सके।
– अगर कोई बिजली का बिल नहीं भर सका है, उसे तीन माह का समय दिया जाए। उनका बिजली कनेक्शन ना काटा जाए।
– 200 यूनिट बिजली सभी उपभोक्ताओं को निशुल्क दी जाए। बिजली क्षेत्र का पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर आम उपभोक्ता के टैक्स के पैसे से खड़ा है। उपभोक्ता का यह अधिकार है।






