जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

अगस्त में अब तक की सबसे ज्यादा बारिश 28 तक

 इसी तरह बना रह सकता है मौसम का मिजाज,आंकड़ा 37 इंच के पार

जबलपुर यश भारत। जुलाई के महीने मेऔसत से ज्यादा वर्षा दर्ज होने के बाद दो-तीन दिन अगस्त के ऐसे रहे हैं जब कुछ खास वर्षा दर्ज की गई है अन्यथा एक दो मिलीमीटर से आगे आंकड़ा बढा ही नहीं। यदि इस वर्ष सत्र की बात की जाए तो अगस्त के महीने में इस वर्ष सबसे ज्यादा बारिश आज सुबह तक ही दर्ज की गई और 24 घंटे में बारिश का आंकड़ा सुबह 8:30 बजे तक 66. 3 मिली मीटर रहा जबकि कल बारिश 940.01 मिली मीटर दर्ज की जा चुकी है जो 37 इंच से कुछ ज्यादा है। रुक रुक कर हो रही बारिश का सिलसिला शनिवार सुबह 8:30 के बाद भी जारी था और शुक्रवार की शाम से यह लगातार जारी है। स्थानीय मौसम कार्यालय प्रभारी के अनुसार वर्तमान में झारखंड और इस लगे छत्तीसगढ़ में सिस्टम एक्टिव है जो मध्य प्रदेश में भी प्रभावित नजर आ रहा है। और आगे दो-तीन दिनों तक मौसम का मिजाज कुछ इसी तरह का बना रह सकता है। इसके बाद 28 तारीख से फिर एक नया सिस्टम प्रभावी हो रहा है जिसके कारण भी अच्छी बारिश की संभावना है। अभी-अभी दूसरे शब्दों में कहा जाए तो अगस्त महीने का आखिरी सप्ताह अच्छी बारिश वाला रहेगा। मौसम कार्यालय प्रभारी डीके तिवारी के मुताबिक वैसे तो अगस्त महीने में अब तक औसत से कम वर्षा दर्ज हुई है लेकिन उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में औसत का आंकड़ा पूरा हो जाएगा। इसकी पहले एक दिन ही ऐसा रहा जब 49 मिली मीटर वर्षा दर्ज हुई थी नहीं तो एक दिन 10 मिली मीटर और बाकी दिनों में एक दो मिली मीटर ही बारिश दर्ज हुई है और कई दिन तो रीते ही चलबारिश गौरतलब है कि अगस्त यानी कि भादो के महीने में अब तक तेज बारिश नहीं हुई थी एक-दो दिन छोड़कर अब तक के बाकी दिनों में लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा था लेकिन कल शाम से हुई बारिश की बात लोगों ने राहत महसूस की है।

कई क्षेत्रों में आधी रात तक रही बिजली बंद

जैसे कि शहर की आम समस्या है बारिश होने के बाद बिजली का जाना एक प्रक्रिया सी बन गया है और बीती शाम हुई बारिश के बात भी यह समस्या सामने आई जब शहर के कई इलाकों में बिजली आती जाती रही तो कई क्षेत्र ऐसी थी जहां आधी रात के बाद तक बिजली नहीं थी। बिजली बंद होने से परेशान लोग 1912 और विद्युत विभाग के अधिकारियों को फोन लगाते रहे लेकिन 1912 जैसी सर्विस भी नाम की ही साबित हुई। विभाग की अधिकारी और कार्यालय का फोन ना उठाना तो ऐसे में आम बात है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button