
जबलपुर यश भारत। वातावरण में एक बार फिर उमस बढ़ने से आम आदमी को बेचैनी महसूस होने लगी है यह आलम है कि लोग सुबह से ही गर्मी और उमस के कारण परेशान नजर आने लगते हैं और आने वाली दो-तीन दिनों तक अभी लोगों को इससे राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है। स्थानीय मौसम कार्यालय की माने तो पिछले दिनों हुई 2 इंच वर्षा के बाद छुटपुट वर्ष ही हो रही है जिसके कारण उमस में बढ़ोतरी हुई है। जिस सिस्टम के जरिए यह 2 इंच वर्षा हुई थी उसके कुछ दिन यहां एक्टिव रहने की संभावना थी लेकिन वह छत्तीसगढ़ से बढ़कर विदर्भ की ओर शिफ्ट हो गया और इसी कारण तेज वर्षा का क्रम एक बार फिर थम गया है। हालांकि उड़ीसा और बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम डेवलप हुआ है जिसकी जिले में दस्तक 20 तारीख तक जिले में देने की संभावना है। मौसम कार्यालय प्रभारी डीके तिवारी के अनुसार यदि यह सिस्टम अच्छे सी जिले में प्रभाव दिख गया तो अगस्त में बारिश की जो कमी नजर आ रही है वह पूरी हो जाएगी। हालांकि इस वर्ष सत्र में अभी तक जो औसत वर्षा है वह सामान्य से तो ऊपर है लेकिन पिछले साल और अगस्त के महीने में पिछड गई है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो सबसे ज्यादा बारिश अगस्त के महीने में ही दर्ज होती रही है लेकिन अभी तक 18 तारीख होने के बावजूद मात्र 84.9 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है अगस्त में। यदि औसत वर्षा के आंकड़े पर नजर डाली जाए तो अगस्त के महीने तक कुल 753 मिली मीटर वर्षा होने का अनुमान रहता है लेकिन इस वर्ष काल में अभी तक वर्षा का आंकड़ा 853 के ऊपर पहुंच चुका है इस लिहाज से करीब 100 मिली मीटर वर्षा आगे हो चुकी है। लेकिन पिछले साल की तुलना और अगस्त के महीने में वर्षा का आंकड़ा अब तक पीछे चल रहा है और इसका असर वातावरण में भी नजर आ रहा है। पिछले दिनों जब 2 इंच बारिश हुई थी तो लोगों को लगा था कि अब कुछ दिनों तक राहत रहेगी लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। यदि गत वर्ष की बात की जाए तो अब तक बारिश का आंकड़ा 110 मिली मीटर पीछे चल रहा है। स्थानीय मौसम कार्यालय प्रभारी ने अभी भी छुट पुट बारिश के संकेत तो दिए हैं लेकिन तेज बारिश की संभावना कम ही है।







