भोपाल

रेललाइन पर 125 किमी प्रतिघंटा की गति से हुआ ट्रायल रन – रेल संरक्षा आयुक्त ने भोपाल रामगंज रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत जरखेड़ा से शामपुर का किया निरीक्षण

रेललाइन पर 125 किमी प्रतिघंटा की गति से हुआ ट्रायल रन
– रेल संरक्षा आयुक्त ने भोपाल रामगंज रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत जरखेड़ा से शामपुर का किया निरीक्षण
भोपाल यशभारत। भोपाल रामंगज मंडी नई रेलवे लाइन परियोजना का काम तेजी से किया जा रहा है। रेल लाइन पर 125 किमी प्रतिघंटा की गति से ट्रायल रन किया गया। इस परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के अंतर्गत जरखेड़ा से शामपुर सेक्शन का कमीशनिंग मध्य वृत्त के रेल संरक्षा आयुक्त मनोज अरोरा ने निरीक्षण किया। 276 किलोमीटर लंबी भोपाल-रामगंज मंडी नई रेल परियोजना की कुल लागत 3035 करोड़ है। इस परियोजना में भोपाल से ब्यावरा तक 111 किलोमीटर का क्षेत्र भोपाल मंडल के अंतर्गत आता है, जबकि शेष खंड कोटा मंडल में आता है। वर्तमान में संत हिरदाराम नगर से निशातपुरा डी केबिन तक रेल सेवा का संचालन किया जा रहा है।
जरखेड़ा से शामपुर सेक्शन की कुल दूरी 11 किमी है। सीआरएस मनोज अरोड़ा ने इस नवनिर्मित रेललाइन पर ट्रायल से पूर्व मोटर ट्राली द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया, साथ ही जरखेड़ा स्टेशन यार्ड का विधिवत परीक्षण किया।
इस निरीक्षण के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक भोपाल योगेंद्र बघेल, मुख्य परियोजना प्रबंधक विजय पाण्डेय, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण एमएस. हाशमी, उप मुख्य अभियंता (निर्माण) मो. वसीम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें
भोपाल-रामगंज मंडी नई लाइन परियोजना की मुख्य विशेषताएं
-इस परियोजना में मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्य शामिल हैं एवं 5 जिले भोपाल, सीहोर, राजगढ़, झालावाड़ और कोटा इससे जुड़े हुए हैं।
– यह लाइन माल और यात्री परिवहन दोनों के लिए महत्वपूर्ण होगी, जिससे रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रा समय में 3 घंटे की बचत होगी।
– झालावाड़ (राजस्थान) के कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयले की आवागमन लागत कम होगी।
– ब्यावरा-झालावाड़ मार्ग के बजाय यह नया मार्ग 42 किमी छोटा होगा, जिससे ईंधन और समय की बचत होगी।
– घाटोली स्टेशन के पास स्थित प्रसिद्ध केलकेरा मंदिर तक स्थानीय यात्रियों की पहुंच सुगम हो जाएगी।
– भोपाल मंडल में 111 किमी रेल लाइन और 12 स्टेशनों के निर्माण के लिए 1255 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
यात्रियों को होगी सुविधा
इस रेल परियोजना से भोपाल और कोटा मंडल के विभिन्न स्टेशनों के बीच सीधी और निर्बाध रेल कनेक्टिविटी संभव होगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि माल परिवहन में भी दक्षता आएगी।
– देवाशीष त्रिपाठी, मंडल रेल प्रबंधक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button