पिता ने की बेटे की नृशंस हत्या, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

देवास, मध्य प्रदेश: देवास जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दिसंबर 2023 में अपने ही बेटे की हत्या करने वाले पिता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। देवास के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आदेश कुमार जैन ने आरोपी पिता मोहनलाल को इस जघन्य अपराध के लिए दोषी ठहराते हुए ₹2,000 के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
यह सनसनीखेज वारदात देवास के बरोठा थाना क्षेत्र की है। दिसंबर 2023 में मृतक हरिओम ने अपने पिता मोहनलाल को एक अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इस घटना के बाद, मोहनलाल ने अपने बेटे को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
हत्या की पूरी कहानी
अपनी योजना को अंजाम देने के लिए, मोहनलाल हरिओम को खेत पर ले गया, जहां वह महिला पहले से मौजूद थी। इसके बाद, मोहनलाल और उस महिला ने मिलकर रस्सी से हरिओम का गला घोंट दिया। नृशंसता की हद पार करते हुए, उन्होंने शव की पहचान छिपाने के लिए दराते से हरिओम के दोनों हाथ काट दिए और फिर उसे एक बोरवेल में फेंक कर मौके से फरार हो गए।
ऐसे खुला मामला और मिली सजा
वारदात को अंजाम देने के बाद, मोहनलाल ने अपने रिश्तेदारों को हरिओम के लापता होने की झूठी सूचना दी। इसके बाद सभी उसकी तलाश में जुट गए। इसी बीच, हरिओम का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस को मोहनलाल पर शक हुआ और उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान, आरोपी मोहनलाल ने अंततः अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।इस पूरे मामले की सुनवाई के बाद, अदालत ने मोहनलाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई। हालांकि, इस मामले में आरोपी बनाई गई महिला को दोषमुक्त कर दिया गया है। यह फैसला समाज में ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ एक मजबूत संदेश देता है।






