जर्जर मकान में मौत के बाद जागा प्रशासन चला बुल्डोजर

जर्जर मकान में मौत के बाद जागा प्रशासन चला बुल्डोजर
भोपाल, यशभारत। राजधानी में आज नगर निगम और जिला प्रशासन की जर्जर भवनों को लकर कार्यवाही की ला रही है। यह कार्यवाही टीटी नगर में पड़े शासकीय खाली आवासों पर की जा रही है। यह आवास विगत 15 वर्षो से खाली पड़े हैं। कल इसी तरह का एक जर्जर मकान गिर गया था। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। शहर में अलग अगल क्षेत्रों में पैसे सैकड़ों मकान हैं, जिन्हें नगर निगम पूर्व में जर्जर घोषित कर चुका है। लेकिन अभी तक उनको गिराया नहीं गया है। ऐसे ही टीटी नगर क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक जर्जर भवन गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वह व्यक्ति अवैध रुप से उसमें रह रहा था। इस घटना के बाद नगर निगम और प्रशासन जागा जिसके चलते आज आनन-फानन में बुल्डोजर चलाने की कार्यवाही शुरू कर दी। यह बुल्डोजर टी टी नगर में वर्षों से खाली पड़े शासकीय आवासों पर चलाया जा रहा है। इन आवासों को कई असमाजिक तत्वों ने भी अपना ठिकाना बना रखा है। राजधानी में ऐसे सैकड़ों मजदूर या बेसहारा लोग निवास करते हैं जिनके पास आवास नहीं है, दूसरा कहीं किराये लेने की क्षमता भी नहीं है। ऐसे ही बहुत से परिवार इन खाली पड़े शासकीय आवासों में अवैध रुप से अपना ठिकाना बनाए हुए हैं। यह सभी साऊथ टीटी नगर में सेकेंड स्टाप माता मंदिर सहित अन्य आवासों में रह रहे हैं। यह सभी जर्जर हालत में हैं जिसकी वजह से बारिश के दौरान हादसा होने का खतरा बढ़ गया है। पुराने शहर में सबसे खतरनाक इमारतें खस्ताहाल इमारतें यूं तो पूरे शहर में हैं, लेकिन इनकी तादाद पुराने शहर में ज्यादा है। यहां ऐसी कई इमारतें हैं जो 100 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। इनमें पीर गेट, जुमेराती, हमीदिया रोड, चौक बाजार, इकबाल मैदान, इमामी गेट इलाके में ऐसी इमारतें जर्जर हालत में खड़ीं हैं, जो बारिश में कभी भी भरभरा कर ढह सकती हैं। खतरा इसलिए ज्यादा है कि यह इमारतें जिन इलाकों में हैं, वहां हमेशा भीड़भाड़ रहती है। 31 वार्ड में हैं सबसे ज्यादा जर्जर मकान निगम की लिस्ट के मुताबिक 85 वार्डों में से 31 वार्डों में जर्जर मकान हैं। इनमें सबसे ज्यादा 500 जर्जर मकान वार्ड 40 में हैं। जर्जर मकानों के मामले में दूसरे नंबर पर वार्ड 14 है, जिसमें 79 और तीसरे नंबर पर वार्ड 18 है जिसमें 70 जर्जर मकान हैं। चौथे नंबर पर वार्ड 28 है, जिसमें जर्जर मकानों की संख्या 61 है। वार्ड 21 में 36 और वार्ड 20 में 23 जर्जर मकान हैं। जबकि अन्य वार्डों में जर्जर मकानों की संख्या एक से सात तक है।







