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स्नान और नर्मदा के दर्शन करने के लिए आने वालों को होती है परेशानी, गौरीघाट के सभी घाटों पर फिर सज गई अवैध दुकानें

जबलपुर यशभारत। शहर के गौरीघाट स्थित नर्मदा के घाटों पर दुकानदारों की मनमानी के चलते श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। उमाघाट, दरोगाघाट, नाव घाट सहित अन्य घाटों पर तट से सटकर दुकानें लगाई जा रही है। इसके चलते श्रद्धालुओं को नहाने के लिए जगह नहीं मिल रही है। कई बार हटाने के बाद भी तट पर ये अवैध दुकानें सजी हैं और नर्मदा की खूबसूरती पर दाग लग रहा है। नर्मदा के सौदर्य का दर्शन के लिए आने वाले पर्यटक इस अव्यवस्या को देखकर स्थानीय प्रशासन पर तंज कसने से नहीं चूक रहे है। अतिक्रमण नीचे के घाटों तक आ जाने से श्रद्धालुओं के सामने सामान रखने तक की समस्या आ गई है। लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए घाटों पर बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए प्रशासन को योजना बनाकर सख्ती से कार्रवाई करनी होगी।

महाआरती में खड़े होने की नहीं बचती जगह
स्थानीयजन बताते हैं कि संध्याकालीन नर्मदा महाआरती में शामिल होने वाले लोगों को भी कब्जों के चलते खड़े होने की जगह नहीं मिल पा रही है। क्षेत्र के बब्बन पांडे का कहना है कि रेतघाट, नावघाट, जिलहरीघाट, खारी घाट में सीढ़ियो से लगकर दुकानें सजी हैं। उमाघाट व दरोगाघाट के हालात और खराब हैं। यहां सीढ़ियों पर भी दुकानें लग रही हैं। घाट पर ही पूजन सामग्री विक्रेताओं के टपरे हैं। इनकी वजह से श्रद्धालुओं को सामान रखने तक में परेशानी हो रही है।

रिपीट कार्रवाई नहीं, डेढ़ सौ से ज्यादा कब्जे
गौरीघाट उमाघाट और इसके आसपास के घाटों पर लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा अतिक्रमण जमे हैं। स्थानीय निवासी लक्ष्मण पटेल कहते हैं कि अवैध रूप से रखे टपरों को सख्ती के साथ हटाकर घाटों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। जिससे दर्शन करने आने जाने वाले गौरीघाट में घाटों पर चल चल रही दुकानें लोगों के लिए परेशानी का सबब बन नावघाट, उमाघाट, दरोगाघाट, गई है। सिद्धघाट, जिलहरीघाट पर तट से सटकर ही दुकानें लगी नजर आती हैं। इसके चलते श्रद्धालुओं को तट पर स्नान करने के लिए खाली जगह खोजनी पड़ती है। वहीं, घाटों नाविकों में लोगों को नदी पार ले जाने के लिए होड़ मची रहती है। पर इसके लिए योजना बनाकर मुहिम छेडना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि विगत फरवरी में हटाने के बाद फिर कब्जा करने पर इनके खिलाफ रिपीट कारवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि ठेला-टपरों को हटाकर घाटों को जल्द ही अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।

नाविकों में होड़
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा का सामना न करना पड़े। है प्रप्शासनिक अधिकारियों को
होने की नहीं बचती जगह याकालीन नर्मदा महाआरती में शामिल होने चलते खड़े होने की जगह नहीं मिल पा रही कहना है कि रेतघाट, नावघाट, जिलहरीघाट, तर दुकानें सजी हैं। उमाघाट व दरोगाघाट के ोढ़ियों पर भी दुकानें लग रही हैं। घाट पर ही परे हैं। इनकी वजह से श्रद्धालुओं को सामान है।

 

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