जिलास्तरीय जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों की आकांक्षाओं,विचारों और प्राथमिकताओं को विजन डॉक्यूमेंट में सम्मिलित किया जाएगा : जिले के विजन डॉक्यूमेंट तैयार किये जाने संबंधी बैठक सम्पन्न

गोटेगांव, नरसिंहपुर l कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में “विकसित जिला नरसिंहपुर @2047″विजन डॉक्यूमेंट को तैयार करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले की अध्यक्षता,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योतिनीलेश काकोड़िया, विधायकद्वय मा. विश्वनाथसिंह व मा. महेन्द्र नागेश की विशेष मौजूदगी में संवाद बैठक सम्पन्न हुई,उल्लेखनीय हैकि प्रदेश के सर्वांगीण एवं समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर होने एवं वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ- साथ मप्र को भी एक विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से”विकसित मध्यप्रदेश @2047″विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है,इसी के तहत जिले के नगरीयनिकायों औरग्राम पंचायतों में जिलास्तरीय जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों की आकांक्षाओं,विचारों और प्राथमिकताओं को विजन डॉक्यूमेंट में सम्मिलित किया जाएगा,सुझावों का स्वरूप जिले की प्राथमिक आवश्यकताओं जैसे आर्थिक विकास,रोजगार, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण,युवाशक्ति जनजातीय विकास और अन्य जिला प्राथमिकताओं पर केंद्रित है,इसी क्रम में “विकसित जिला नरसिंहपुर @2047” विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के उद्देश्य से यह संवाद बैठक आयोजित की गई,बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ जिले के सर्वांगीण एवं समावेशी विकास के लिए विजन 2047 पर चर्चा की गई। सहमति जताई गईकि जिले को आर्थिक संरचना की दृष्टि से मध्यप्रदेश का प्रतिनिधि जिला है,यह एक ग्रामीण एवं कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था है,जिसमें औद्योगिक विस्तार की महती आवश्यकता है,कृषि क्षेत्र में उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि की आवश्यकता है,लेकिन कृषि क्षेत्र में जुड़ी हुई अतिरिक्त जनसंख्या को ग्रामीण उद्योग एवं सेवाक्षेत्र में स्थानांतरित करने की सख्त जरूरत है,ताकि कृषि पर अतिरिक्त बोझ को कम किया जा सके,जिले की आर्थिक व्यवस्था को विस्तार एवं वैविध्य प्रदान किया जा सके,बैठक में जनप्रतिनिधियों ने सुझाव दिये गयेकि महिलाओं की सामाजिक स्थिति में सुधार लाते हुए महिलापुरूष अनुपात को 950 तक लाया जायेl
कुपोषण एवं अल्परक्तता (0-6 वर्ष) से घटाकर शून्य प्रतिशत तक किया जाये,सभी बसाहटों में पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की जायेगी, महिला सशक्तिकरण के लिए सामाजिक-आर्थिक विकास एवं विभिन्न क्षेत्रों में निर्णय लेने के लिए महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाये,जिले में उपलब्ध सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ करने के लिए उसमें विस्तार लाया जाये,उपलब्ध जलस्रोतों का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाये ताकि भविष्य में जल स्रोतों के क्षरण की समस्या उत्पन्न न हो,जल संसाधन के संरक्षण के लिए नदियों में स्टाप डेम बनाये जायें और छोटे एवं बड़े तालाबों का संरक्षण व संवर्धन भी किया जाये,सामाजिक आर्थिक एवं राजनीति सशक्तिकरण के माध्यम से जिले के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति,पिछड़ावर्ग,अल्प संख्यक एवं गरीबों का विकास सुनिश्चित किया जाये ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्ता युक्त नियमित ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए ऊर्जा अधोसंरचना का निर्माण करना,समस्त ग्रामीण क्षेत्रों को पक्के सड़क मार्गों से जोड़ना, जिले में सूचना एवं संचार क्रांति के विकास का लाभ उठाने के लिए कम्प्यूटर शिक्षा एवं प्रसार करना ताकि जिले को ज्ञान आधारित व्यवस्था का लाभ रोजगार निर्माण एवंआर्थिक समृद्धि जाने में किया जा सके,युवाओं के भविष्य के लिए जिले में मेडिकल कॉलेज,कृषि महाविद्यालय, आयुर्वेद महाविद्यालय के साथसाथ इंजीनियरिंग कॉलेज भी खोले जायें, किसानों के हितार्थ कृषि भवन बनाये जावें,जिसमें किसानों को कृषि के क्षेत्र में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया हो सके,जिले में संचालित लघु,उद्यम,वृहद उद्योगों को और विकसित किया जावे, ताकि रोजगार की समस्या को समाप्त किया जा सके, जिले के समस्त नगरीय क्षेत्र को मिनी स्मार्ट सिटियों में परिवर्तन किया जावे तथा समस्त ग्रामों को आदर्श ग्राम बनाया जावे,इसके अलावा 2047 तक सम्पूर्ण जिला डिजीटल प्लेटफार्म पर लाया जावे,इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीताराजेन्द्रठाकुर जिलापंचायत सदस्य नगर पालिका अध्यक्ष सहित अन्य विशिष्ट जनप्रतिनिधि जिलापंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे







