मेडिकल कॉलेज में 10 माह में 9वां सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट
सिकल सेल से पीड़ित 8 वर्षीय बच्चे को मिली नई जिंदगी

जबलपुर,यशभारत। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के ट्रांसप्लांट प्रोग्राम ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपने संचालन के मात्र 10 महीनों के भीतर 9वां सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट पूरा कर लिया है। यह ट्रांसप्लांट सिकल सेल बीमारी से पीड़ित 8 वर्षीय बच्चे का किया गया, जो पूर्व में कई बार गंभीर स्थिति के कारण अस्पताल में भर्ती हो चुका था। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा की गई यह जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। चिकित्सकों के अनुसार ट्रांसप्लांट के बाद बच्चे की स्थिति स्थिर बनी हुई है और उसके स्वास्थ्य में लगातार सुधार देखा जा रहा है। यदि सब कुछ सामान्य रहा तो बच्चे को जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
इस उपलब्धि पर ट्रांसप्लांट टीम ने डीन, सुपरिटेंडेंट डॉ. अरविंद शर्मा, सुपरिटेंडेंट एससीआई डॉ. लक्ष्मी, पीडियाट्रिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका तथा मेडिकल कॉलेज प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही पीडियाट्रिक्स एवं एससीआई विभाग के सभी सहयोगियों के योगदान को भी सराहा गया। चिकित्सकों ने कहा कि यह सफलता रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स, तकनीशियनों और सपोर्ट स्टाफ की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। प्रत्येक सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट एक समर्पित टीमवर्क का उदाहरण होता है।
मेडिकल कॉलेज की यह उपलब्धि मध्य भारत में बच्चों के लिए उन्नत ट्रांसप्लांट चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को क्षेत्र में ही बेहतर और अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध हो सकेगा।








