भोपाल में दौड़ेंगी 190 नई ई बसें, सफर होगा स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त प्रदेश के 8 शहरों में 972 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जल्द, रोजाना हजारों यात्रियों को मिलेगा लाभ

भोपाल में दौड़ेंगी 190 नई ई बसें, सफर होगा स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त
प्रदेश के 5 से ज्यादा शहरों में 965 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जल्द, रोजाना हजारों यात्रियों को मिलेगा लाभ
भोपाल यश भारत। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत भोपाल में कुल 190 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इन बसों के संचालन से राजधानी में रोजाना सफर करने वाले करीब 60 हजार यात्रियों को सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होगा।
इलेक्ट्रिक बसों को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास, सागर और सतना जैसे शहरों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। इनमें इंदौर को सबसे अधिक 270 बसें मिलेंगी, जबकि जबलपुर में 200, भोपाल में 195, ग्वालियर और उज्जैन में 100-100, देवास में 55, सागर में 32 और सतना में 20 बसों का संचालन किया जाएगा। भोपाल में ई बस सेवा दो चरणों में शुरू होगी। पहले चरण में शहर के पांच प्रमुख रूटों पर 100 बसें उतारी जाएंगी जबकि शेष बसों के लिए नए रूट निर्धारित किए जा रहे हैं। इन बसों में अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी जिनमें इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम प्रमुख हैं। यात्रियों को बस के अगले स्टॉप की जानकारी डिजिटल स्क्रीन पर मिलेगी साथ ही मोबाइल ऐप के जरिए बस की लाइव लोकेशन भी ट्रैक की जा सकेगी।
महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। बसों में पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरे, व्हीलचेयर स्पेस और ऑटोमैटिक लिफ्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी जिससे हर वर्ग के लिए सफर आसान और सुरक्षित बनेगा।
ई-बसों के सुचारु संचालन के लिए भोपाल में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जा रहा है। कस्तूरबा नगर और संत हिरदाराम नगर में करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डिपो बनाए जा रहे हैं जहां 150 बसों की पार्किंग, चार्जिंग और मेंटेनेंस की सुविधा उपलब्ध होगी। नई इलेक्ट्रिक बसों के शुरू होने से न केवल शहरों में प्रदूषण और शोर कम होगा बल्कि सार्वजनिक परिवहन को भी नई पहचान मिलेगी। यह पहल प्रदेश को स्वच्छ और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







