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15 दिन में करना है 1.5 लाख टन धान का प्रसंस्करण

वेयरहाउस संचालकों की हड़ताल से धान की मिलिंग पर संकट

15 दिन में करना है 1.5 लाख टन धान का प्रसंस्करण
वेयरहाउस संचालकों की हड़ताल से धान की मिलिंग पर संकट
जबलपुर, यश भारत। जिले में वेयरहाउस संचालकों की हड़ताल लगातार जारी रहने से धान की कस्टम मिलिंग पर गंभीर असर पड़ा है। शासन द्वारा मिलिंग की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है, लेकिन अब केवल 15 दिन शेष हैं, जबकि लगभग 1.5 लाख मैट्रिक टन धान की मिलिंग अभी बाकी है।
पिछले कुछ वर्षों में भुगतान में देरी, भंडारण शुल्क के बकाया और बैंकों के एनपीए होते खातों जैसी समस्याओं के चलते संचालक लंबे समय से असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। पिछले दिनों से वेयरहाउस संचालकों का धरना चल रहा है, जिसके बावजूद शासन स्तर पर ठोस समाधान नहीं निकल सका। संचालकों का कहना है कि जब तक उनकी चार साल से लंबित लगभग 130 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी।
वहीं, जिले के खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मिलिंग की समयसीमा नजदीक है और हड़ताल से सरकारी योजनाओं के तहत खरीदी गई धान की प्रोसेसिंग प्रभावित हो रही है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो धान के भंडारण और भुगतान प्रक्रिया दोनों पर असर पड़ेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन को शीघ्र पहल कर समाधान निकालना होगा, अन्यथा किसानों, मिलर्स और वेयरहाउस संचालकों—तीनों वर्गों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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