प्रदेश में 1.20 लाख पद ड्राइंग कैडर घोषित, अब नहीं होंगी नई भर्तियां

प्रदेश में 1.20 लाख पद ड्राइंग कैडर घोषित, अब नहीं होंगी नई भर्तियां
भोपाल , यशभारत। प्रदेश सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए विभिन्न विभागों के करीब 1 लाख 20 हजार पदों को ड्राइंग कैडर घोषित कर दिया है। जारी निर्देशों के अनुसार इन पदों पर भविष्य में कोई नई नियुक्ति नहीं की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य के खजाने पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ में कमी आएगी और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी।
इन श्रेणियों के पद किए गए समाप्त
जारी आदेश के अनुसार कार्यभारित श्रेणी के 16810 पद, आकस्मिकता निधि से वेतन प्राप्त करने वाले 55808 पद तथा संविदा और कोटवार श्रेणी के 34497 पद को ड्राइंग कैडर घोषित कर दिया गया है। ये पद लंबे समय से विभिन्न विभागों में अस्थायी या विशेष परियोजनाओं के लिए उपयोग किए जा रहे थे। सरकार का कहना है कि वर्तमान प्रशासनिक ढांचे में इन पदों की उपयोगिता कम हो गई है, इसलिए इन्हें धीरे-धीरे समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
आउटसोर्स कर्मचारियों पर असर
निर्देशों में आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। वर्तमान में नियमित पदों पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को मार्च 2027 तक चरणबद्ध तरीके से हटाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके बाद इन पदों को सीधी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाएगा, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो सके।
नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ड्राइंग कैडर घोषित किए गए पदों पर यदि किसी विभागाध्यक्ष, कलेक्टर या अन्य अधिकारी द्वारा नियुक्ति की जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला राज्य मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में लिया गया था और अब इसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अब केवल दो कैडर प्रभावी
नए नियमों के लागू होने के बाद अब राज्य में मुख्य रूप से नियमित और संविदा कैडर ही प्रभावी रहेंगे। अन्य पुराने और अस्थायी कैडरों को धीरे-धीरे प्रशासनिक व्यवस्था से बाहर कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि कार्यभारित और आकस्मिकता निधि जैसे पद पुराने प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा थे, जिनकी वर्तमान समय में सीमित आवश्यकता रह गई थी।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगा फैसला
प्रशासन के अनुसार इन पदों को एक साथ समाप्त नहीं किया जाएगा, बल्कि जैसे-जैसे पद खाली होते जाएंगे, उन्हें दोबारा नहीं भरा जाएगा। इस प्रकार समय के साथ ड्राइंग कैडर के सभी पद स्वतः समाप्त हो जाएंगे। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से प्रशासनिक खर्च में कमी आएगी और विभागों में मानव संसाधन प्रबंधन अधिक प्रभावी बन सकेगा।







