आयुष्मान क्लेम का ₹800 करोड़ अटका, निजी अस्पतालों ने घेरा कार्यालय; इलाज ठप करने की दी चेतावनी, देखें वीडियो

आयुष्मान क्लेम का ₹800 करोड़ अटका, निजी अस्पतालों ने घेरा कार्यालय; इलाज ठप करने की दी चेतावनी, देखें वीडियो
भोपाल, यशय़भारत। मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। पिछले 6-7 महीनों से क्लेम का भुगतान न होने और मनमाने नियमों के विरोध में प्रदेशभर के निजी अस्पताल संचालकों एवं डॉक्टरों ने भोपाल स्थित आयुष्मान कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अटका हुआ ₹800 करोड़ का भुगतान जारी नहीं किया गया, तो वे योजना के तहत मरीजों का इलाज पूरी तरह बंद कर देंगे।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डॉक्टर- डॉ.जीशान अहमद ने बताया कि प्रदेश के अस्पतालों का करीब ₹800 करोड़ का भुगतान अटका हुआ है। समय पर राशि न मिलने से अस्पतालों के सामने डॉक्टरों व स्टाफ को वेतन देने, दवाइयों का भुगतान करने और दैनिक संचालन जारी रखने का गहरा संकट खड़ा हो गया है। संचालकों ने आरोप लगाया कि योजना के नियमानुसार 45 दिनों के भीतर क्लेम का सेटलमेंट हो जाना चाहिए, लेकिन इस नियम का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि यदि कोई अस्पताल 100 मरीजों के इलाज का क्लेम भेजता है, तो महज 20 केस का पैसा दिया जाता है और बाकी 80 केस का भुगतान बिना किसी ठोस कारण के रोक लिया जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि छोटे और मंझले अस्पतालों पर जबरन NABH के कड़े मानक थोपे जा रहे हैं। इसके अलावा नए पोर्टल 1.0 की तकनीकी कमियों और जटिलताओं का बहाना बनाकर वैध क्लेमों को भी पेंडिंग रखा जा रहा है या खारिज किया जा रहा है। अस्पताल संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि 45 दिनों में क्लेम सेटलमेंट की व्यवस्था बहाल नहीं हुई और बकाया राशि जारी नहीं की गई, तो वे आयुष्मान योजना के तहत इलाज बंद करने को मजबूर होंगे। यदि ऐसा होता है, तो प्रदेश के लाखों गरीब मरीजों को इलाज के लिए गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ेगा।







