सरकारी स्कूलों के सिमटते दायरे पर नीलम पार्क में प्रदर्शन एक साल में देशभर के 4 791 स्कूल बंद, इनमें 2426 मध्यप्रदेश के शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सरकारी स्कूलों के सिमटते दायरे पर नीलम पार्क में प्रदर्शन
एक साल में देशभर के 4 791 स्कूल बंद, इनमें 2426 मध्यप्रदेश के शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों की घटती संख्या और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में अल्फा संगठन ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए स्कूलों को मजबूत करने और शिक्षकों व मूलभूत सुविधाओं की कमी दूर करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सामने रखे गए आंकड़ों के मुताबिक देशभर में एक साल के दौरान 4 791 स्कूल बंद हुए हैं। इनमें अकेले मध्यप्रदेश के 2 426 स्कूल शामिल हैं। दावा किया गया कि देश में बंद हुए स्कूलों में आधे से ज्यादा मध्यप्रदेश के हैं। इस हिसाब से देश में प्रतिदिन औसतन 13 स्कूल बंद होने की स्थिति सामने आ रही है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश में करीब 94 हजार सरकारी स्कूल कम हुए हैं जबकि इसी अवधि में निजी स्कूलों की संख्या करीब 51 हजार बढ़ी है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को भी बड़ी चुनौती बताया गया। करीब एक लाख सरकारी स्कूलों में केवल एक शिक्षक होने का दावा किया गया। प्रदर्शन में स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए। आंकड़ों के अनुसार करीब 18 प्रतिशत स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है जबकि 26.3 प्रतिशत स्कूलों के शौचालय उपयोग के लायक नहीं हैं। करीब 58 प्रतिशत स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय नहीं होने की बात कही गई। वहीं 38 प्रतिशत स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है और करीब 10 प्रतिशत स्कूलों में बिजली कनेक्शन तक नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कंप्यूटर जैसी डिजिटल सुविधाएं भी कई सरकारी स्कूलों में सीमित हैं। स्कूलों के बंद होने और सुविधाओं की कमी का सबसे अधिक असर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। अल्फा ने सरकार से स्कूलों को बंद करने के बजाय उनमें शिक्षक भवन बिजली पेयजल शौचालय और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।







