सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम लौटी बैरंग, न्यायालय के आदेश की खुली अवहेलना, राजस्व और पुलिस टीम का विरोध, चौपाल निर्माण कार्य रूका

कटनी/रीठी, यशभारत। जनपद पंचायत रीठी के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरजी में शासकीय आबादी भूमि पर किए गए बेजा कब्जे का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए रीठी तहसीलदार से कार्यवाही की मांग की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने राजस्व एवं पुलिस विभाग को कब्जा हटाने के निर्देश भी जारी किए थे। इसके बावजूद शासकीय भूमि आज भी कब्जे के घेरे में बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार न्यायालय के आदेश के पालन में राजस्व और पुलिस अमला मौके पर पहुंचा लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही कथित कब्जाधारी पुरुषों और महिलाओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बताया जाता है कि मौके पर जमकर वाद-विवाद हुआ तथा शासकीय कार्यवाही में बाधा उत्पन्न की गईए जिससे प्रशासनिक अमले को कार्यवाही बीच में ही रोकनी पड़ी। सूत्रों का कहना है कि यदि न्यायालय के आदेश और प्रशासनिक निर्देशों के बाद भी शासकीय भूमि से कब्जा नहीं हट पा रहा है तो यह कानून व्यवस्था और प्रशासनिक प्रभावशीलता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि आखिर किसके संरक्षण में शासकीय भूमि पर कब्जा कायम है और आदेशों के बावजूद कार्यवाही अधूरी क्यों रह गई।
पटवारी ने कहा : नहीं मिला पुलिस बल
मामले में हल्का पटवारी बरजी द्वारा तहसीलदार को प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया है कि पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रभावित हुई। प्रतिवेदन में अतिरिक्त पुरुष एवं महिला पुलिस बल उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता बताई गई है, ताकि आगामी कार्यवाही शांतिपूर्ण और प्रभावी ढंग से संपन्न कराई जा सके। खास बात यह है कि जिस शासकीय भूमि पर ग्राम पंचायत द्वारा स्वीकृत चौपाल निर्माण कार्य कराया जाना था, वह कार्य भी अतिक्रमण के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों की कथित दबंगई और कब्जे के चलते पूरे गांव के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
अब तहसीलदार के अगले आदेश का इंतजार
फिलहाल राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की नजरें तहसीलदार के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र और प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई तो न्यायालय के आदेशों की गरिमा तथा शासकीय भूमि संरक्षण की मंशा दोनों पर प्रश्नचिन्ह लग सकता है। बरजी ग्राम पंचायत का यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों की मांग है कि न्यायालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराते हुए शासकीय भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाएए ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके और कानून के राज पर जनता का विश्वास कायम रह सके।
इनका कहना है
प्रशासन द्वारा क्षेत्र में दो-तीन अतिक्रमण की कारवाई की जानी है, जिसमे पुलिस बल उपलब्ध कराये जाने के लिए पत्र लिखा जाएगा। पुलिस बल मिलने के बाद अतिक्रमण हटाने की की कार्रवाई की जाएगी।
-आकाक्षा चौरसिया, तहसीलदार रीठी







