लोकायुक्त की कार्यवाही : 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया पटवारी; मकान बचाने के बदले मांग रहा था घूस

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ मध्य प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में लोकायुक्त पुलिस सागर ने मंगलवार 2 जून को टीकमगढ़ जिले में एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए पटवारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी एक गरीब आदिवासी के आशियाने को अतिक्रमण मुक्त रखने और वहां से सार्वजनिक रास्ता न निकालने के एवज में घूस की मांग कर रहा था। लोकायुक्त की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले के राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है।
लोकायुक्त कार्यालय से यश भारत के संभागीय ब्यूरो को मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित आवेदक पुंटू आदिवासी (47 वर्ष), निवासी ग्राम गोपालपुरा भाटा, जिला टीकमगढ़, पिछले करीब 50 वर्षों से अपनी पट्टे की जमीन पर कच्चे मकान में सपरिवार निवास कर रहे हैं। आरोप है कि हल्का गोपालपुरा के पटवारी अजय सूत्रकार ने उनके इस पुश्तैनी मकान को अवैध अतिक्रमण घोषित करने की धमकी दी थी। पटवारी ने पीड़ित से कहा था कि यदि वह कार्रवाई रुकवाना चाहता है और अपने मकान के सामने से सार्वजनिक रास्ता निकालने से रोकना चाहता है, तो उसे 15 हजार रुपये की रिश्वत देनी होगी।
5 हजार की पहली किस्त ले चुका था आरोपी
परेशान पीड़ित ने पटवारी के आगे घुटने टेकने के बजाय लोकायुक्त कार्यालय सागर पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के गोपनीय सत्यापन के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि लालची पटवारी बीती 25 मई को घूस की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये पहले ही ऐंठ चुका था। सत्यापन रिपोर्ट सही पाए जाने पर लोकायुक्त एसपी ने तुरंत ट्रैप दल का गठन किया।
किराना दुकान पर बिछाया जाल, ऐसे आया गिरफ्त में
लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मंगलवार को ग्राम कंचनपुरा स्थित पन्नालाल कुशवाहा की किराना दुकान पर अपना जाल बिछाया। जैसे ही आवेदक पुंटू आदिवासी ने आरोपी पटवारी अजय सूत्रकार को बची हुई रिश्वत के 10 हजार रुपये थमाए, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने उसे घेराबंदी कर रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त टीम ने जब आरोपी के हाथ केमिकल के पानी से धुलवाए, तो उसके हाथ गुलाबी हो गए। आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ यह बड़ी सफलता महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों, डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर योगेश्वर शर्मा के कुशल निर्देशन में मिली है। इस सफल ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व लोकायुक्त निरीक्षक कमल सिंह उईके एवं निरीक्षक मंजू किरण तिर्की ने अपनी टीम के साथ किया।
लोकायुक्त की अपील: लोकायुक्त सागर संभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसके खिलाफ बिना डरे लोकायुक्त के हेल्पलाइन नंबर 8435794333 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।







