रीवा। केन्द्रीय जेल में पदस्थ मुख्य प्रहरी रामानंद पटेल 58 वर्ष ने जेल की गोशाला में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मुख्य प्रहरी किस वजह से लगाई, यह प्रशासन ने पोस्टमॉर्टम के लिए मुख्य प्रहरी का शव संजय गांधी चिकित्सालय भिजवा दिया है।
बताया गया है कि मुख्य प्रहरी रामानंद दोपहर 12 बजे तक ड्यूटी पर था। इसके बाद ड्यूटी ऑफ कर वह सवा 12 बजे घर चला गया। इसके बाद थोड़ी ही देर में वह गोशाला पहुंचा और फांसी के फंदे पर लटक गया। बताया गया है कि रामानंद वर्ष 2009 में केंद्रीय जेल में आया था। उसकी 33 वर्ष की नौकरी हो चुकी थी। वह जेल के अंदर के अलावा बाहर भी ड्यूटी करता था। जेल अधीक्षक एसके उपाध्याय ने बताया कि उसका सर्विस रिकॉर्ड भी अच्छा था। उसने इस तरह का कदम क्यों उठाया यह स्पष्ट नहीं है। बताया गया है कि दूसरी शिफ्ट में जब दूसरा स्टॉप गोशाला में पहुंचा तो उन्होंने रामानंद को फांसी पर लटके हुए देखा। जिसकी सूचना स्टॉफ ने जेलर को दी। मौके पर जेल का स्टॉफ पहुंचा और मुख्य प्रहरी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए संजय गांधी चिकित्सालय पहुंचाया।
इधर रामानंद की पत्नी का आरोप है कि उसकी ड्यूटी लगातार गोशाला में लगाई जा रही थी। उसकी पत्नी ने जेल प्रबंधन पर मुख्य प्रहरी को प्रताड़ित करने का आरोप से पन्ना जिले देवेंद्र नगर अंतर्गत भी लगाया। मुख्य प्रहरी मूल रूप रीवा में वह जेल क्वार्टर में अपने बिंदिया गांव का रहने वाला था और परिवार के साथ रह रहा था।
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