माझी जनजाति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका, राज्य शासन से मांगा गया जबाब

कटनी, यशभारत। माझी जनजाति सामाजिक विकास कल्याण समिति के अध्यक्ष राकेश कश्यप द्वारा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है। जिसमे कहा गया कि माझी जनजाति समुदाय को संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। आदिम जाति अनुसंधान विकास संस्था भोपाल द्वारा गलत, कूटरचित, फर्जी तरीके से मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति छानबीन समिति तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विभाग को लिटरेचर उपलब्ध करवाये गए हैं, जिसके कारण माझी जनजाति के व्यक्तियों के प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे है और उक्त कूटरचित, फर्जी अध्ययन के आधार पर छानबीन समिति द्वारा भी माझी जनजाति के प्रमाण पत्र निरस्त किये जा रहे है। यचिका में यह भी कहा गया है कि भारत सरकार के संशोधन राजपत्र में संवैधानिक रूप से अनुसूचित जनजाति सूची क्रमांक 29 पर माझी जनजाति को संपूर्ण मध्यप्रदेश के लिए अधिसूचित किया गया है। जनहित याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की खण्डपीठ में माननीय चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस दीपक खोट द्वारा नोटिस जारी कर जबाब मांगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जगदीश साकल्ले एवं शासन की ओर से विवके शर्मा ने तर्क प्रस्तुत किये।







