सागर यश भारत संभागीय ब्यूरो)/ महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (MCBU) छतरपुर की कुलगुरु प्रोफेसर शुभा तिवारी को विभिन्न विवादों और विरोध प्रदर्शनों के चलते आखिरकार उनके पद से हटा दिया गया है। राजभवन के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त प्रमुख सचिव अनुपम राजन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। कुलगुरु को हटाने की कार्रवाई, उनके द्वारा धार्मिक टिप्पणी किए जाने और विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बाद की गई है।
कुलगुरु प्रो. शुभा तिवारी उस समय सुर्खियों में आईं, जब उन्होंने एक मंच से माता सीता पर टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद हिंदू संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने यूनिवर्सिटी में उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कुलगुरु को पद से हटाने और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग की थी।
धार्मिक विवाद के साथ ही कुलगुरु के खिलाफ भ्रष्टाचार और खरीदी में अनियमितताओ के गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। इनके तहत दीक्षांत समारोह, परीक्षाओं और खेल गतिविधियों के फंड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंची थीं।
यश भारत के संभागीय ब्यूरो को मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय की कुछ खरीदी प्रक्रियाओं की जांच में यह सामने आया था कि नियमानुसार टेंडर जारी करने के बजाय सामग्री को कोटेशन के आधार पर खरीदा गया, जो नियमों का उल्लंघन है।
विवादों के बढ़ते दबाव और जांच रिपोर्टों के मद्देनजर, राजभवन ने मामले को गंभीरता से लिया। कुलगुरु को पद से हटाने का आदेश जारी किया गया है। नए कुलगुरु की नियुक्ति होने तक, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के कुलपति को MCBU का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गयाहै।
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