भीषण गर्मी में बार-बार गुल हो रही बिजली, 24 घंटे में शहरभर से फूटा लोगों का गुस्सा
ट्रिपिंग, फाल्ट और मेंटीनेंस के नाम पर परेशान जनता, सवालों के घेरे में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली

भीषण गर्मी में बार-बार गुल हो रही बिजली, 24 घंटे में शहरभर से फूटा लोगों का गुस्सा
ट्रिपिंग, फाल्ट और मेंटीनेंस के नाम पर परेशान जनता, सवालों के घेरे में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली
कटनी, यशभारत । 
शांति नगर, नई बस्ती, कुठला, सिविल लाइन, गायत्री नगर, संतनगर, मंगल नगर, बस स्टैंड, पाठक वार्ड, रबर फैक्ट्री क्षेत्र, द्वारका सिटी, सिंघई बगीचा, गर्ग चौराहा, लखेरा और जिला अस्पताल रोड सहित शहर के कई इलाकों में घंटों बिजली सप्लाई बाधित रही। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में बिजली कटौती ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। घरों में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा परेशान हैं।
सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर दिखी कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी लोगों को स्पष्ट जानकारी तक नहीं दे सके। कई नागरिकों ने आरोप लगाया कि फोन उठाना तो दूर, विभागीय अधिकारी जवाब देने तक को तैयार नहीं थे। सोशल मीडिया और वाट्सएप ग्रुपों में लोग लगातार बिजली सप्लाई बहाल करने की गुहार लगाते रहे।
मंगलवार शाम स्थिति और बिगड़ गई जब 400 केवी मंझगवां फाटक उपकेंद्र में पीटी ब्लास्ट होने से शांति नगर, तिहारी, मनसकरा समेत कई 132 केवी और 33 केवी फीडरों की बिजली सप्लाई प्रभावित हो गई। इसके बाद शहर के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया। विभाग की ओर से पहले करीब एक घंटे में सप्लाई बहाल करने की बात कही गई, लेकिन देर शाम तक कई क्षेत्रों में बिजली की आंख-मिचौली जारी रही। विभागीय सूत्रों के अनुसार तकनीकी सुधार कार्य जारी है और सप्लाई सामान्य होने में अभी लगभग 20 से 25 मिनट और लग सकते हैं।
लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग हर बार “मेंटीनेंस” और “टेक्निकल फाल्ट” का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करता है, जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्था लगातार बदतर होती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि नियमित और गुणवत्तापूर्ण मेंटीनेंस हो रहा है तो आखिर रोज 33 केवी और 11 केवी फीडरों में फाल्ट क्यों हो रहे हैं।
शहर के कई रहवासियों ने यह भी कहा कि कुछ इलाकों में रोजाना शाम होते ही बिजली गुल हो जाती है। लोगों का आरोप है कि विभाग के पास न तो पर्याप्त मॉनिटरिंग है और न ही त्वरित सुधार की व्यवस्था। परिणामस्वरूप आम लोग उमस और गर्मी में परेशान होने को मजबूर हैं।
व्यापारियों और कार्यालयों में भी बिजली संकट का असर दिखाई दिया। लगातार ट्रिपिंग के कारण दुकानों, छोटे उद्योगों और दफ्तरों का काम प्रभावित हुआ। पानी सप्लाई भी कई क्षेत्रों में बाधित रही, जिससे लोगों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ी। लखेरा और खेरमाई मंदिर क्षेत्र में पानी सप्लाई के दौरान बिजली बंद होने से लोग पानी तक नहीं भर सके।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बस स्टैंड, कुठला और पहरुआ सब स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो जब चार से छह बार बिजली न जाती हो। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि मेंटीनेंस के नाम पर कटौती की जा रही है तो फिर फाल्ट और ट्रिपिंग की घटनाएं लगातार क्यों बढ़ रही हैं।
अब शहरवासियों ने बिजली विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में बार-बार बिजली बंद होना केवल तकनीकी समस्या नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही का परिणाम है। नागरिकों ने मांग की है कि ट्रिपिंग और फाल्ट की असली वजह सार्वजनिक की जाए और शहर की जर्जर विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।







