फुटपाथ पर कब्जे, चौराहों पर बैनर
निगमायुक्त ने दिखाएं सख़्त तेवर,मौके पर ही लगाई फ़टकार

फुटपाथ पर कब्जे, चौराहों पर बैनर
निगमायुक्त ने दिखाई सख्ती

मिशन चौक, थाना तिराहा और जगन्नाथ चौक पर कार्रवाई के निर्देश, सड़क पर टेंट लगाने वाले को नोटिस
कटनी, यशभारत। शहर के फुटपाथों पर दुकानों का सामान, सड़कों पर अस्थायी कब्जे और प्रमुख चौराहों पर अनधिकृत बैनर-पोस्टर यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। त्योहारी सीजन में इन अव्यवस्थाओं को देखने निगमायुक्त तपस्या परिहार मिशन चौक से सुभाष चौक तक निरीक्षण पर निकलीं। खामियां मिलने पर उन्होंने अतिक्रमण हटाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मामा स्वीट्स, कृष्ण फर्नीचर, घूघट विनय जनरल स्टोर और हरिओम फ्रूट एंड जूस सहित कई दुकानों के बाहर सामग्री रखकर कारोबार होता मिला। निगमायुक्त ने दुकानदारों से सामान दुकान की सीमा में रखने को कहा। मिशन चौक पर पेट्रोल पंप से मुड़वारा स्टेशन मार्ग और नगीना मस्जिद के सामने यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए। फुटपाथों पर ठेला-टपरा लगाकर कारोबार करने वालों पर निर्धारित रोस्टर के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
थाना तिराहा और जगन्नाथ चौक पर भी कार्रवाई
निगमायुक्त ने थाना तिराहा, मिशन चौक और जगन्नाथ चौक पर अनधिकृत बैनर-पोस्टर हटाने के निर्देश दिए। सिटी कोतवाली के सामने सार्वजनिक मार्ग को क्षतिग्रस्त कर टेंट लगाए जाने पर संबंधित संचालक को नोटिस जारी करने को कहा। निरीक्षण में पोस्ट ऑफिस गली के पास खुला नाला भी मिला, जिसे तत्काल ढकने और नालों के ऊपर बने फुटपाथ दुरुस्त करने के निर्देश उपयंत्री रवि हनोते और हिमांशु गौतम को दिए गए। नगर निगम कार्यालय के बाहर अनधिकृत पार्किंग रोकने के लिए भी व्यवस्था बनाने को कहा गया।
मुख्य मार्ग पर सफाई में कमी मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी को दुकानों में डस्टबिन रखवाने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं केंद्रीय विद्यालय झिंझरी के बगल, चर्च के आसपास और सामने वाले मार्ग पर अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट व हाईमास्ट लगाने को कहा गया। निरीक्षण में अतिक्रमण प्रभारी मानेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
निर्देशों के बाद अब निगाह कार्रवाई पर है। प्रमुख चौराहों पर फुटपाथ खाली कराने और बैनर-पोस्टर हटाने की कार्रवाई कितनी नियमित होती है, इसी से तय होगा कि निरीक्षण का असर शहर की व्यवस्था पर कितना पड़ता है।







