पुलिस की अनूठी मिसाल: संवेदनशीलता ने बचाई प्रधान आरक्षक की जान

सागर। डायल-112 की आधुनिक तकनीक और पुलिस की संवेदनशीलता का एक मानवीय और मिसाली उदाहरण सागर जिले में सामने आया है। थाना बांदरी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को अचानक हार्ट अटैक आने पर डायल-112 की FRV-29 वाहन से तत्काल सागर स्थित बंसल अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) जयवीर सिंह भदौरिया ने कंट्रोल रूम से लाइव कैमरों के जरिए करीब 30 किलोमीटर के सफर के दौरान मरीज की लगातार मॉनिटरिंग की और सही समय पर डॉक्टरी सलाह उपलब्ध कराई।
जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया (नोडल जिला प्रभारी, डायल-112) घटना के समय पुलिस कंट्रोल रूम में करीब 60 डायल-112 पायलटों की बैठक ले रहे थे। इसी दौरान बांदरी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आने और FRV-29 से उन्हें सागर रवाना किए जाने की सूचना मिली।
30 किमी तक लाइव मॉनिटरिंग, दिया ढांढस
सूचना मिलते ही एएसपी भदौरिया ने FRV में लगे कैमरों के माध्यम से लाइव स्ट्रीमिंग शुरू कर दी। पूरे रास्ते (करीब 30 किलोमीटर) वे मरीज की हालत पर नजर रखे रहे। उन्होंने गाड़ी में मौजूद पुलिस स्टाफ को लगातार निर्देश दिए और पीड़ित प्रधान आरक्षक से बात कर उनका हौसला भी बढ़ाया।
रास्ते में ही डॉक्टरों से ली सलाह
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एएसपी ने बंसल अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से तुरंत संपर्क साधा। उन्होंने मरीज को रास्ते में दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार और सावधानियों की जानकारी ली और FRV में मौजूद पुलिसकर्मियों को डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करने को कहा।
FRV-29 की टीम प्रधान आरक्षक को सुरक्षित रूप से बंसल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने बिना देरी किए इलाज शुरू कर दिया। सही समय पर अस्पताल पहुंचने और रास्ते में मिली सही डॉक्टरी सलाह से जवान की जान बच गई।
सागर पुलिस की इस पहल ने साबित कर दिया कि डायल-112 की गाड़ियों में लगे लाइव कैमरे केवल गश्त या निगरानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संकट के समय किसी की जान बचाने में भी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया की त्वरित निर्णय क्षमता और संवेदनशीलता की सर्वत्र सराहना हो रही है।







