कटनी के पैरा लिफ्टर शुभम ने रूस में जीता गोल्ड, दुर्घटना में गंवाए दोनों पैर, लेकिन नहीं टूटने दिया हौसला, मिलिट्री वेटरन इंटरनेशनल प्रतियोगिता में लहराया तिरंगा

कटनी, यशभारत। पैरा खेल जगत के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। कटनी जिले के होनहार पैरा पावरलिफ्टर शुभम चक्रवर्ती ने रूस की राजधानी मास्को में आयोजित मिलिट्री वेटरन इंटरनेशनल पैरा पावरलिफ्टिंग कॉम्पिटिशन 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश में हर्ष की लहर है। रूसी रक्षा मंत्रालय द्वारा 6 अगस्त से 10 अगस्त तक आयोजित इस प्रतियोगिता में विश्व भर के दिग्गज पैरा एथलीटों ने भाग लिया। कड़े मुकाबलों के बीच शुभम ने अपनी अद्भुत शारीरिक क्षमता, तकनीक और आत्मबल का परिचय देते हुए पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया और भारत का मान बढ़ाया।
शुभम की यह सफलता किसी मिसाल से कम नहीं है। मूल रूप से कटनी निवासी शुभम ने एक दुखद हादसे में अपने दोनों पैर गंवा दिए थे। जीवन में आए इस कठिन मोड़ के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और खेल को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया। शुभम के शुरुआती हुनर को मध्यप्रदेश पैरा पावरलिफ्टिंग कोच नेपेंद्र चौरे ने तराशा था। वर्तमान में शुभम उत्तर प्रदेश स्थित स्पोट्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय स्तर के पैरा पावरलिफ्टिंग कोच राहुल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वर्षों की अनवरत मेहनत, सख्त अनुशासन और समर्पण का ही सुखद परिणाम है कि शुभम आज विश्व पटल पर भारत की पहचान बने हैं। स्वर्ण पदक जीतने के बाद शुभम ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार और मेंटर्स को दिया। शुभम ने कहा कि हर परिस्थिति में मेरे माता पिता परिवार ने मेरा साथ दिया और इस पूरे कठिन सफर में मेरा हौसला बनाए रखा। जब स्थितियां प्रतिकूल थीं, तब अनुराग तीर्थानी एवं परमजीत सर ने मुझे संबल दिया और सही मार्गदर्शन किया। यह स्वर्ण पदक उन सभी के अटूट विश्वास की जीत है।
खेल संघों ने जताया हर्ष, दिया भविष्य में सहयोग का आश्वासन
शुभम की इस स्वर्णिम सफलता पर पैरा स्पोट्र्स एसोसिएशन ऑफ मप्र के सीईओ डॉ. बी के डबास और चेयरमैन अश्विन शर्मा ने हर्ष व्यक्त किया है। संघ के पदाधिकारियों ने शुभम एवं उनके कोचिंग स्टाफ को बधाई देते हुए भविष्य में हर संभव संस्थागत सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। शुभम के शुरुआती कोच नेपेंद्र चौरे ने भी बधाई देते हुए कहा कि शुभम की लगन और अनुशासन ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो कोई भी शारीरिक बाधा लक्ष्य के आड़े नहीं आ सकती।







