मध्य प्रदेशराज्य

नौनिहालों की थाली में सिर्फ ‘धोखा’? : मध्याह्न भोजन समूह नौनिहालों के निवाले पर डाका : मेन्यू के विपरीत भोजन परोसने का आरोप, वर्षों से जमे स्व-सहायता समूह कर रहे मनमानी 

मंडला। जनपद पंचायत नारायणगंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखराम के घुघरी माल एवं वन ग्राम घुघरी में संचालित मध्याह्न भोजन योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना में निर्धारित मीनू का पालन नहीं किया जा रहा है और बच्चों को गुणवत्ताहीन भोजन परोसा जा रहा है। उनका कहना है कि वर्षों से एक ही स्व-सहायता समूह योजना का संचालन कर रहा है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कई बार सुबह का नाश्ता तक उपलब्ध नहीं कराया जाता। वहीं दोपहर के भोजन में भी शासन द्वारा निर्धारित मीनू का पालन नहीं होता। उनका आरोप है कि भोजन की गुणवत्ता भी बेहद खराब रहती है, जिससे बच्चों के पोषण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

शिकायतें हुईं, लेकिन व्यवस्था नहीं बदली

ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में जिला प्रशासन से शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद जांच दल गांव पहुंचा और कई अनियमितताओं की जानकारी सामने आई। ग्रामीणों का आरोप है कि समूह को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन बाद में मामला आगे नहीं बढ़ा। उनका दावा है कि आज भी वही समूह भोजन संचालन कर रहा है और स्थिति में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है।

गंदगी के बीच बन रहा भोजन

ग्रामीणों ने भोजन निर्माण स्थल की स्वच्छता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार घुघरी माल स्थित किचन शेड के आसपास गंदगी फैली रहती है और पर्याप्त साफ-सफाई नहीं होती। ऐसे माहौल में तैयार भोजन बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि इससे बच्चों में उल्टी, दस्त और अन्य संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो जिम्मेदार स्व-सहायता समूह के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसका अनुबंध निरस्त किया जाए तथा किसी नए, सक्षम और पारदर्शी स्व-सहायता समूह को जिम्मेदारी सौंपी जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को प्रतिदिन निर्धारित मीनू के अनुसार स्वच्छ, ताजा एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए।

इस संबंध में संबंधित विभागीय अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 

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