नागपंचमी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: मुंह फेवीक्विक से चिपकाकर पैसे कमा रहे थे सपेरे, दो दर्जन सांप मुक्त; सपेरे हिरासत में

जबलपुर | नागपंचमी के अवसर पर सांपों के साथ होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए वन विभाग ने व्यापक अभियान चलाया। विभाग द्वारा गठित 7 विशेष टीमों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी कर लगभग दो दर्जन कोबरा (नाग) एवं अन्य दुर्लभ प्रजातियों के सांपों को सपेरों के चंगुल से मुक्त कराया।
बेजुबानों के साथ अमानवीयता
वन विभाग की जांच में सपेरों की बेहद क्रूर और अमानवीय करतूत सामने आई है। पैसे कमाने और लोगों के बीच प्रदर्शन करने के लिए सपेरों ने सांपों के विषैले दांत तोड़ दिए थे और उनके मुंह को फेवीक्विक से चिपका दिया था, जिससे वे हमला न कर सकें।
फॉरेस्ट रेंजर अपूर्व शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वन विभाग की मुस्तैद टीमों ने सांपों को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर उनका प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया है।
वन्यजीवों के साथ क्रूरता करने वाले सपेरों को पकड़ लिया गया है।आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपचार और निगरानी के बाद स्वस्थ होने पर सभी सांपों को उनके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।







