धार्मिक स्थलों को भी नहीं बख्श रहे खनन माफिया, कन्हवारा के प्राचीन शिव मंदिर के पास तालाब के पीछे आयरन का अवैध उत्खनन, मशीनों की बजाए मजदूरों को लगाकर की जा रही खुदाई

कटनी, यशभारत। आस्था के प्रतीक धार्मिक स्थलों को भी अब खनन माफिया नहीं बख्श रहे हैं। ताजा मामला कटनी जिला मुख्यालय से लगे ग्राम कन्हवारा स्थित प्राचीन शिव मंदिर का सामने आया है, जहां तालाब के पीछे रात के अंधेरे में आयरन ओर यानी काले पत्थर का अवैध उत्खनन और कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार इस तरह की शिकायतें सामने आ रही है। यह भी पता चला है कि जेसीबी और पोकलिन मशीनों की बजाए मजदूरों को लगाकर इस कृत्य को अंजाम दिया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अवैध खननकर्ताओं ने मंदिर के पीछे पहाड़ी को पूरी तरह से खोद दिया है। अवैध उत्खनन की वजह से न केवल धार्मिक आस्था को चोट पहुंच रही है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार यहां मशीनों से नहीं, बल्कि लेबर लगाकर रात में उत्खनन किया जा रहा है, ताकि किसी को भनक न लग सके। वीडियो में यह भी नजर आ रहा है कि किस तरह खनन माफियाओं ने धरती का सीना चीरकर उत्खनन करते हुए लाल-काले पत्थरों का ढेर भी साफ दिख रहा है।
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन की चुप्पी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग के अधिकारियों से शिकायतें की गईं लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी से संदेह व्यक्त हो रहा है कि कहीं अधिकारियों की इस कृत्य में मिलीभगत तो नहीं। ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार शिकायतें करने के बाद भी शासन-प्रशासन के अधिकारियों द्वारा इस ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिकायत करते-करते हम हताश हो गए। कार्यवाही शून्य है। अब लग रहा है भगवान शिव ही अपने दरबार की रक्षा करेंगे।
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
इस मामले में ग्राम पंचायत सरपंच से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं लगा। वहीं ग्राम पंचायत सचिव नरेश पटेल का कहना है कि मुझे इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। शिकायतें सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। मंदिर के मुख्य पुजारी से संपर्क नहीं हो पाया।
आस्था के साथ पर्यावरण को भी नुकसान
प्राचीन शिव मंदिर क्षेत्र धार्मिक आस्था का केंद्र है। अवैध उत्खन से न सिर्फ मंदिर की सुरक्षा को खतरा है बल्कि तालाब और आसपास का पर्यावरण भी तबाह हो रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर और खनिज विभाग से मांग की है कि तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त किया जाए।






