कटनीमध्य प्रदेश

कटनी पहुंचे रेल संरक्षा आयुक्त, झलवारा मझगवां ग्रेड सेपरेटर का किया निरीक्षण, मालगाड़ियों के जल्द परिचालन की जताई उम्मीद

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कटनी, यश भारत। झलवारा से मझगवां तक बन रहे देश के सबसे लंबे ग्रेड सेपरेटर का आज रेल संरक्षा आयुक्त ने कटनी पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो गुड्स ट्रेनें अब तक मैन लाइन पर आकर चलती थीं, उन्हें अब डायवर्ट कर जबलपुर और बिलासपुर डिविजन की ओर सीधे भेजा जाएगा। इससे मुख्य लाइन पर यात्री ट्रेनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक अधिक नियंत्रित ढंग से संचालित हो सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह सिर्फ मालगाड़ियों के आवागमन के लिए बनाया गया है, हालांकि आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग अन्य ट्रेनों के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मार्ग जल्द ही पूरी तरह से सुचारु रूप से चालू हो जाएगा। रेल संरक्षा आयुक्त ने ग्रेड सेपरेट के साथ ही कटंगी खुर्द में तैयार डबल कॉड लाइन का भी निरीक्षण किया।

 

 

बारिश बनी बड़ी चुनौती

 

हाल ही में बारिश के दौरान झलवारा के पास बने रेल अंडरपास में पानी भरने की स्थिति ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं थी। इस विषय पर जबलपुर डिविजन के डीआरएम कमल तलरेजा ने कहा किमानसून की शुरुआत में ऐसी दिक्कतें आती ही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अंडरपास में जलभराव से निपटने के लिए पंपिंग की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि पंपिंग को लेकर कुछ तकनीकी एतराज अभी बाकी हैं। यदि व्यवस्था जल्द नहीं की गई, तो आगामी बारिश में अंडरपास में फिर से पानी भरेगा और लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ेगी। रेल संरक्षा और आधारभूत ढांचे को लेकर जहाँ एक ओर निरीक्षण और योजनाएं जारी हैं, वहीं दूसरी ओर बारिश जैसी प्राकृतिक स्थितियाँ इन व्यवस्थाओं की असली परीक्षा ले रही हैं। देखना होगा कि पंपिंग सिस्टम और रेल मार्गों का प्रबंधन आने वाले वक्त में कितना प्रभावी साबित होता है।

झलवारा-मझगवां फाटक तक बने ग्रेड सेपरेटर और डबल कॉड लाइन का निरीक्षण, रेल संरक्षा आयुक्त ने दी अहम जानकारी

कटनी, यश भारत। झलवारा से मझगवां तक बन रहे देश के सबसे लंबे ग्रेड सेपरेटर का आज रेल संरक्षा आयुक्त ने कटनी पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो गुड्स ट्रेनें अब तक मैन लाइन पर आकर चलती थीं, उन्हें अब डायवर्ट कर जबलपुर और बिलासपुर डिविजन की ओर सीधे भेजा जाएगा। इससे मुख्य लाइन पर यात्री ट्रेनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक अधिक नियंत्रित ढंग से संचालित हो सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह सिर्फ मालगाड़ियों के आवागमन के लिए बनाया गया है, हालांकि आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग अन्य ट्रेनों के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मार्ग जल्द ही पूरी तरह से सुचारु रूप से चालू हो जाएगा। रेल संरक्षा आयुक्त ने ग्रेड सेपरेट के साथ ही कटंगी खुर्द में तैयार डबल कॉड लाइन का भी निरीक्षण किया।

बारिश बनी बड़ी चुनौती

हाल ही में बारिश के दौरान झलवारा के पास बने रेल अंडरपास में पानी भरने की स्थिति ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं थी। इस विषय पर जबलपुर डिविजन के डीआरएम कमल तलरेजा ने कहा किमानसून की शुरुआत में ऐसी दिक्कतें आती ही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अंडरपास में जलभराव से निपटने के लिए पंपिंग की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि पंपिंग को लेकर कुछ तकनीकी एतराज अभी बाकी हैं। यदि व्यवस्था जल्द नहीं की गई, तो आगामी बारिश में अंडरपास में फिर से पानी भरेगा और लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ेगी। रेल संरक्षा और आधारभूत ढांचे को लेकर जहाँ एक ओर निरीक्षण और योजनाएं जारी हैं, वहीं दूसरी ओर बारिश जैसी प्राकृतिक स्थितियाँ इन व्यवस्थाओं की असली परीक्षा ले रही हैं। देखना होगा कि पंपिंग सिस्टम और रेल मार्गों का प्रबंधन आने वाले वक्त में कितना प्रभावी साबित होता है।

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