दशहरा पर्व को लेकर प्रशासन ने तय की व्यवस्थाएं
शाम 5 बजे से यातायात प्रतिबंध, आजाद चौक से सुभाष चौक तक वाहनों की आवाजाही पर रोक

दशहरा पर्व को लेकर प्रशासन ने तय की व्यवस्थाएं
शाम 5 बजे से यातायात प्रतिबंध, आजाद चौक से सुभाष चौक तक वाहनों की आवाजाही पर रोक
पांच स्थानों की शराब दुकानें रहेंगी बंद, चौपाटी ग्राउंड में होगा रावण दहन
कटनी, यशभारत। दशहरा चल समारोह को लेकर जिला प्रशासन ने यातायात, सुरक्षा और प्रतिमा विसर्जन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे से निकलने वाले चल समारोह के दौरान आजाद चौक से सुभाष चौक सहित प्रमुख स्थानों पर ऑटो रिक्शा और चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। वहीं, चांडक चौक, घंटाघर, गर्ग चौराहा, सुभाष चौक और रेलवे स्टेशन क्षेत्र की शराब दुकानें शाम 5 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक बंद रहेंगी। प्रशासन ने समारोह के दौरान भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए संबंधित विभागों को जरूरी इंतजाम करने को कहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, चल समारोह में सबसे पहले गोल बाजार रामलीला कमेटी के रावण महाराज, राम दरबार और दुर्गा प्रतिमा शामिल होंगे। इसके बाद पुलिस वाहन, घंटाघर रामलीला कमेटी का राम दरबार, हनुमानजी और अन्य दलों के साथ दुर्गा प्रतिमाएं निकलेंगी। समारोह के मद्देनजर प्रमुख मार्गों पर प्रकाश, पेयजल और सीसीटीवी की व्यवस्था की जाएगी। भारी वाहनों का शहर में प्रवेश भी निर्धारित समय के अनुसार प्रतिबंधित रहेगा।
चौपाटी ग्राउंड में रावण दहन, सुरक्षा के इंतजाम
शासकीय चिकित्सालय के पास स्थित चौपाटी ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित होगा। जिला प्रशासन ने आयोजन स्थल पर अग्निशमन वाहन, अग्नि सुरक्षा, बैरिकेडिंग और पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था करने को कहा है। भीड़ नियंत्रण के लिए आयोजन क्षेत्र को जरूरत के अनुसार जोन और सेक्टर में बांटकर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। चल समारोह से पहले सीवर कार्य के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों और गड्ढों की मरम्मत कराने के साथ नीचे लटक रहे बिजली के तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निर्धारित जलकुंडों में ही होगा प्रतिमा विसर्जन
दुर्गा प्रतिमाओं और जवारों के विसर्जन के लिए मोहन घाट, गाटर घाट सहित नगर निगम द्वारा निर्मित जलकुंडों का उपयोग किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवश्यकता के अनुसार जलकुंड बनाए जाएंगे। नदियों, तालाबों और नालों में सीधे विसर्जन पर रोक रहेगी। अधिक जलभराव और दुर्घटना की आशंका के चलते कटाये घाट और अमीरगंज तालाब में भी विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा। विसर्जन स्थलों पर प्रकाश, पेयजल, साफ-सफाई, पुलिस बल और एसडीआरएफ की व्यवस्था की जाएगी।
डीजे और पीओपी प्रतिमाओं पर प्रतिबंध
जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, दुर्गा पंडालों में मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करनी होंगी और आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। पंडालों में विद्युत सुरक्षा और सीसीटीवी सहित आवश्यक इंतजाम करना अनिवार्य रहेगा। प्रतिमा विसर्जन और पंडालों में डीजे प्रतिबंधित रहेगा। चल समारोह में लाठी-डंडे और अस्त्र-शस्त्र के उपयोग पर भी रोक रहेगी।
चिकित्सा, पुलिस और निगरानी की रहेगी व्यवस्था
प्रशासन ने 18 से 20 अक्टूबर तक संवेदनशील स्थानों, ढाबों और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी रखने को कहा है। प्रमुख आयोजन स्थलों पर चिकित्सक, दवाइयां और एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। जिला एवं पुलिस कंट्रोल रूम में भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। पुलिस, नगर निगम, यातायात, विद्युत, स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय से सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।







