दशरथ-कैकेयी संवाद देख भावविभोर हुए दर्शक, प्रभावशाली संवाद अदायगी और सजीव अभिनय ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

कटनी, यशभारत। गोल बाजार रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में राजा दशरथ और रानी कैकेयी के बीच हुए संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों कलाकारों की प्रभावशाली संवाद अदायगी और सजीव अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रसंग की मार्मिक प्रस्तुति के दौरान मैदान में मौजूद श्रद्धालु भाव विभोर नजर आए। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष गोलबाजार रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा ने यहां पहुंचकर भगवान श्रीराम एवं माता सीता की पूजा अर्चना करत हुए आरती उतारी। गोलबाजार रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। दशरथ कैकेयी संवाद ने दर्शकों को वचन की मर्यादा, कर्तव्य और त्याग के महत्व से परिचित कराया। रामायण में दशरथ कैकेयी संवाद का विशेष महत्व है। कैकेयी द्वारा राजा दशरथ से पूर्व में दिए गए दो वरदान मांगने और उनमें श्रीराम के वनवास की मांग का प्रसंग कथा को निर्णायक मोड़ देता है। एक ओर राजा दशरथ पुत्र वियोग की पीड़ा से व्याकुल होते हैं, वहीं दूसरी ओर वचन निभाने की मर्यादा उनके सामने धर्मसंकट खड़ा कर देती है। इसी भावनात्मक द्वंद्व को कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ा रहा है। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। गोल बाजार रामलीला मैदान में मंचन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। प्रसंग की प्रस्तुति ने दर्शकों को रामायण के आदर्शों और जीवन मूल्यों पर चिंतन करने का अवसर दिया।







