त्योहारी सीजन शुरू होते ही सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, पिछले एक महीने में 5 प्रतिशत तेजी, व्यापार पर पड़ रहा असर, दीवाली के आसपास बाजार में तेजी आने की उम्मीद

कटनी, यशभारत। त्योहारों की शुरुआत के साथ ही सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। पिछले एक महीने में इसमे 5 प्रतिशत तक उछाल देखने को मिला है। इससे व्यापार पर भी असर पडऩे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। सराफा व्यापारियों की मानें तो कीमतों में वृद्धि से फिलहाल तो असर देखने को मिल रहा लेकिन दीवाली के आसपास एक बार फिर बाजार में तेजी आएगी। अगस्त से लेकर सितंबर के बीच सोने और चांदी की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिली है हालांकि कीमतें बढऩे के बावजूद ज्वेलरी की खरीदारी में तेजी बनी हुई है।
विदित हो कि पिछले एक महीने में सोने की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है। चांदी के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। सोने की कीमत जहां 1 लाख 50 हजार रूपए से 1 लाख 60 हजार प्रति 10 ग्राम है वहीं चांदी 2 लाख 35 हजार रूपए से 2 लाख 40 हजार रूपए प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई है। जन्माष्टमी के साथ ही फेस्टिवल सीजन की शुरुआत हो चुकी है, जिससे सोने-चांदी की मांग में उछाल आ जाता है। जानकारी के मुताबिक 5 अगस्त से 8 सितंबर के बीच सोने और चांदी दोनों की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। 5 अगस्त को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1 लाख 45 हजार 626 रुपये प्रति 10 ग्राम थी तो वहीं 7 सितंबर को इसका भाव बढक़र 1 लाख 53 हजार 340 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है, यानी करीब एक महीने में सोना 7 हजार 714 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो इस दौरान सोने की कीमत में करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
चांदी के दाम में जोरदार बढ़ोतरी
सोने के साथ चांदी की कीमत में भी तेजी देखने को मिल रही है। 5 अगस्त को चांदी का भाव 2 लाख 24 हजार 562 रुपये प्रति किलोग्राम था तो 7 सितंबर को चांदी की कीमत बढक़र 2 लाख 35 हजार 456 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, यानी करीब एक महीने में चांदी 10 हजार 894 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो गई। इस हिसाब से चांदी की कीमत में इस दौरान करीब 4.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
इसलिए बढ़ रहे सोने-चांदी के दाम
सोने और चांदी की कीमतें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारणों से बढ़ती है। दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता बढऩे पर निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश मानकर इसकी खरीद बढ़ा देते हैं। इससे मांग बढ़ती है और कीमत पर असर पड़ता है। इसके अलावा महंगाई और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे तनाव का असर भी सोने और चांदी के दामों पर पड़ता है। चांदी की कीमत पर मांग का भी असर होता है, इसका इस्तेमाल बिजली से जुड़े सामान, सौर ऊर्जा उपकरण और कई दूसरे उद्योगों में भी तो किया जाता है।
आगे भी उतार-चढ़ाव की संभावना
कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और त्योहारी मांग के आधार पर सोने-चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में त्योहारों के दौरान ज्वेलरी खरीदने वालों को बाजार भाव पर नजर रखनी होगी।
इनका कहना है
इस समय बाजार मंदी के दौर से गुजर रहा है। 10 से 15 प्रतिशत ही व्यापार हो रहा है। सोना नहीं खरीदने की अपील और लगातार बढ़ते दामों की वजह से ऐसा हो रह है। आगे आने वाले त्योहारों में 25 से 30 प्रतिशत तक व्यापार की उम्मीद है।
-आशीष सोनी, श्रीराम ज्वेलर्स







