अपार आईडी बनी परेशानी का सबब, कॉलेजों में प्रभावित हो रहा प्रवेश पंजीयन

कटनी, यशभारत। जिले के सरकारी और निजी कॉलेजों में संचालित स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिग प्रक्रिया शुरू हो गई लेकिन शनिवार को पहले ही दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को पंजीयन में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बार उच्च शिक्षा विभाग ने पंजीयन के दौरान अपार और एबीसी आईडी अनिवार्य कर दी है, जिससे कई छात्र आवेदन नहीं कर पाए। बीए, बीकॉम, बीएससीए, बीएसडब्ल्यू और बीएचएमसी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए सुबह 10 बजे से आवेदन शुरू हुए। छात्र-छात्राएं एमपी ऑनलाइन कियोस्क और कॉलेजों के सहायता केंद्रों पर पहुंचे, लेकिन अधिकांश विद्यार्थियों को अपनी अपार और एबीसी आईडी की जानकारी ही नहीं थी। विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल स्तर पर उन्हें कभी अपार आईडी के बारे में जानकारी नहीं दी गई, वहीं सहायता केंद्रों पर आधार नंबर के जरिए आईडी पता करने का प्रयास किया गया, लेकिन कई छात्रों के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर बंद होने के कारण ओटीपी नहीं मिल पाया। इससे पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित रही और पहले दिन आवेदन का प्रतिशत काफी कम रहा। शिक्षाविद् पारस जैन ने बताया कि अधिकांश विद्यार्थियों की अपार आईडी पहले से बनी हुई है लेकिन उन्हें उसका नंबर पता नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बार बिना अपार आईडी के पंजीयन आगे नहीं बढ़ रहा, साथ ही नया अपार नंबर बनाकर आवेदन करने पर दस्तावेज सत्यापन के दौरान फार्म निरस्त होने की संभावना रहेगी। कॉलेजों की ओर से विद्यार्थियों को स्कूलों से संपर्क कर अपार आईडी की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं।





