छोटा पैक, बड़ा धमाका… भोपाल के बाहरी इलाके में दिखा रेड-नेक्ड फाल्कन

छोटा पैक, बड़ा धमाका… भोपाल के बाहरी इलाके में दिखा रेड-नेक्ड फाल्कन
भोपाल, यश भारत । आकार में छोटा, लेकिन शिकार और उड़ान में बेहद फुर्तीला शिकारी पक्षी रेड-नेक्ड फाल्कन मध्यप्रदेश में पक्षी प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पक्षी अवलोकनकर्ता योगेश मोरे ने मार्च 2023 में भोपाल के बाहरी क्षेत्र में इस प्रजाति के प्रजनन से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन दर्ज किया था।
रेड-नेक्ड फाल्कन का वैज्ञानिक नाम Falco chicquera है। यह खुले क्षेत्रों, कृषि भूमि और पेड़ों वाले इलाकों में पाया जाता है। भारत में इसकी प्रजनन गतिविधियों का अध्ययन भी किया गया है। उपलब्ध अध्ययनों के अनुसार यह प्रजाति कई बार दूसरे पक्षियों के छोड़े हुए घोंसलों का उपयोग करती है। इस पक्षी की खासियत इसकी तेज और फुर्तीली उड़ान है। यह अक्सर जोड़े में शिकार करता है और उड़ते समय बेहद तेजी से दिशा बदल सकता है। इसके छोटे आकार के बावजूद इसकी शिकारी क्षमता इसे अन्य पक्षियों से अलग पहचान देती है। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार रेड-नेक्ड फाल्कन को वैश्विक स्तर पर निकट संकटग्रस्त श्रेणी में रखा गया है। स्टेट ऑफ इंडियाज बर्ड्स के अनुसार भारत में इसकी दीर्घकालीन संख्या में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि इसका वर्तमान वितरण क्षेत्र काफी बड़ा है।
भोपाल के आसपास प्रजनन गतिविधि बनी खास बात
मार्च 2023 में भोपाल के बाहरी इलाके में दर्ज अवलोकन इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि इसमें रेड-नेक्ड फाल्कन की प्रजनन गतिविधियों को दर्ज किया गया। उपलब्ध जानकारी में इस दौरान इस प्रजाति के व्यवहार और प्रजनन से जुड़े अवलोकनों का उल्लेख है। पक्षी अवलोकनकर्ताओं के लिए ऐसे रिकॉर्ड इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे किसी क्षेत्र में प्रजाति की मौजूदगी के साथ-साथ उसके आवास, प्रजनन व्यवहार और संरक्षण संबंधी जानकारी जुटाने में मदद मिलती है। छोटा शरीर, तेज रफ्तार और शिकारी अंदाज—रेड-नेक्ड फाल्कन के लिए यही कहा जा सकता है: छोटा पैक, बड़ा धमाका।







