गैस किल्लत से बढ़ी इंडक्शन की मांग, कीमतों में उछाल;
रसोई गैस की कमी से बदली रसोई की तस्वीर, बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

गैस किल्लत से बढ़ी इंडक्शन की मांग, कीमतों में उछाल;
बढ़ती खपत से बिजली संकट की आशंका
रसोई गैस की कमी से बदली रसोई की तस्वीर, बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
कटनी,यशभारत। शहर में रसोई गैस की लगातार बनी किल्लत का असर अब आम जनजीवन पर साफ़ नजर आने लगा है। गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति के चलते उपभोक्ता तेजी से इंडक्शन चूल्हों और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं।अचानक बढ़ी मांग के कारण बाजार में इंडक्शन चूल्हों की कीमतों में भी उछाल आया है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। पहले जहाँ इंडक्शन चूल्हों की कीमतें ₹1,500 से ₹2,500 के बीच आसानी से उपलब्ध होती थीं, अब वही सामान्य मॉडल अक्सर ₹3,000 से ₹4,000 तक बिक रहे हैं, और कुछ लोकप्रिय ब्रांड के मॉडल ₹4,000 से ऊपर भी पहुँच गए हैं। इससे कई परिवारों के लिए यह विकल्प मजबूरी बन गया है। नागरिकों का मानना है कि गैस से बिजली की ओर बढ़ता यह झुकाव आने वाले समय में नई समस्या खड़ी कर सकता है। गर्मियों के मौसम में पहले ही बिजली की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में अतिरिक्त खपत से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा और कटौती या बाधित आपूर्ति की स्थिति बन सकती है। उपभोक्ताओं ने चिंता जताई है कि एक ओर गैस किल्लत झेलनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर बढ़ते बिजली बिल और संभावित कटौती की समस्या भी सामने आ सकती है। लोगों ने प्रशासन से गैस आपूर्ति को सुचारू करने और बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की मांग की है,ताकि आमजन को दोहरी परेशानी से राहत मिल सके।







