निगम मंडलों में पारदर्शिता और नवाचार से बढ़ाएं आय के स्रोत मुख्यमंत्री डॉ. यादव डिजिटल गवर्नेंस और अनुशासन से आत्मनिर्भर बने संस्थान, जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता

निगम मंडलों में पारदर्शिता और नवाचार से बढ़ाएं आय के स्रोत मुख्यमंत्री डॉ. यादव
डिजिटल गवर्नेंस और अनुशासन से आत्मनिर्भर बने संस्थान, जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता
भोपाल यश भारत। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वित्तीय प्रबंधन किसी भी संस्थान के लिए बड़ी चुनौती होता है और इससे निपटने के लिए वित्तीय अनुशासन फिजूल खर्ची पर नियंत्रण तथा नवाचारों के माध्यम से आय के नए स्रोत विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने स्व अनुशासन बनाए रखने और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में प्रदेश को विकसित और देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि निगम मंडल बोर्ड और आयोगों के कामकाज में पारदर्शिता कार्यकुशलता और दृढ़ता लाकर संस्थानों को आत्मनिर्भर बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए। जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर में तकनीक सुशासन का बड़ा माध्यम बन चुकी है। डिजिटल गवर्नेंस डाटा आधारित निर्णय तकनीक संचालित निगरानी और पारदर्शी सेवा वितरण व्यवस्था को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से सोशल मीडिया और डिजिटल प्रणालियों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने नशामुक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर सक्रिय जनजागरण चलाने की भी बात कही। इस अवसर पर हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और सभी पदाधिकारी अपने अधिकारों का उपयोग जनहित में करें।







