कैमोर पुलिस ने हत्या के आरोपी को 24 घंटे में किया गिरफ्तार
प्रेम प्रसंग के चलते हुई हत्या...

कटनी यशभारत – उधोग नगरी कैमोर थाना अंतर्गत ग्राम ननवारा कला बड़ी खदान के पास गक्त दिवस सोनू कोल निवासी निवासी नन्हवारा कला द्वारा आलोक गुप्ता निवासी अमवारी थाना विजयराघवगढ के सिर एवं मुंह पर पत्थर मारकर हत्या कर दी और फरार हो गया। उसके बाद आरोपी द्वारा अपने दोस्त को हत्या के बारे में बताया जिसके बाद सुनील ने कैमोर पुलिस को इस कि सूचना दी। जानकारी के बाद मौके पर डायल 112 एवं थाना प्रभारी कैमोर पहुंचे, मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया , एवं दिशा निर्देश प्राप्त किया एसडीओपी विजयराघवगढ़ वीरेंद्र धारवे घटनास्थल मौके पर पहुंचे।मृतक आलोक गुप्ता के भाई आदित्य गुप्ता द्वारा पुलिस को बताया कि सोनू कोल निवासी नन्हवारा कला के द्वारा मेरे भाई की पत्थर मार कर हत्या कर दी है उसके बाद आरोपी के विरुद्ध हत्या का अपराध 103 एक बी एन एस के तहत दर्ज किया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल विजयराघवगढ़ भेजा गया और आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरू की गई। मुखबिर ने सूचना दी की आरोपी जिले से भागने की फिराक में हैं। सूचना के बाद थाना प्रभारी तुरंत एक्शन में आए औऱ आरोपी की उसके घर के पास से पास ही घर दबोचा।औऱ कड़ाई से पूछताछ आरोपी ने बताया कि मेरा नन्हवारा कला की रहने वाली एक लड़की के साथ सालों से प्रेम संबंध था लेकिन पिछले दो-तीन महीने से लड़की आलोक गुप्ता से बात करने लगी ये बात मुझे नागवार गुजरी मैने आलोक गुप्ता को बोला भी कि उसे लड़की से तुम बात मत करो मैं उसको प्यार करता हूं। लेकिन आलोक गुप्ता नहीं माना जिसके बाद 14 जनवरी को रात 10 से 11 के बीच में आलोक गुप्ता नन्हवारा कला खदान के पास जाते हुए देखा और मुझे आवाज लगाया मैंने भी उसकी आवाज लगाई और रोकने के बाद आपस में बहस होने लगी और गाली गलौज होने लगी तो मेरे द्वारा आलोक गुप्ता की वही खदान के पास पड़े पत्थर से उठाकर उसके मुंह सर पर मारा जिससे उसकी मृत्यु हो गई । आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया और एक दिन का पुलिस रिमांड लिया गया।
संपूर्ण कार्यवाही में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विजयराघवगढ़ वीरेंद्र धारवे के मार्गदर्शन में की गई थाना प्रभारी कैमोर आशीष कुमार शर्मा उप निरीक्षक दिनेश करोसिया प्रधान आरक्षक संतोष कटारिया, प्र.आर.चंद्रभान विश्वकर्मा आरक्षक सुनील, विनोद, विकास ,अजीत सौरभ, विक्रम, लालू यादव म.आर. प्रिया सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही







