एक लाख उपभोक्ताओं ने नहीं कराई केवायसी, 30 जुन के बाद नहीं होगी गैस बुकिंग, खाते में रोकी गई सब्सिडी, फर्जी, डुप्लीकेट और अवैध गैस कनेक्शनों पर रोक लगाने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने उठाया कदम

कटनी, यशभारत। जिले में करीब एक लाख के करीब ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने अब तक बायोमेट्रिक केवायसी नहीं कराई है। ऐसी स्थिति में आगामी 30 जून के बाद उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यदि उपभोक्ता केवायसी नहीं कराते हैं, तो उनका कनेक्शन बंद हो सकता है और वे सिलिंडर बुक भी नहीं करा पाएंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय ने फिलहाल ऐसे उपभोक्ताओं की सब्सिडी को रोक दिया है। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि कई उपभोक्ताओं की दो से तीन बुकिंग की सब्सिडी रुकी हुई है। बताया जाता है कि कटनी जिले में तीन प्रमुख तेल कंपनियों की करीब 25 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनसे 3 लाख 61 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर का वितरण किया जाता है। इनमे से अब तक 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं की ही बायोमेट्रिक केवायसी हुई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय ने ऐसे सभी उपभोक्ताओं को बायोमेट्रिक केवायसी कराने के निर्देश दिए थे, जिन्होंने केवायसी नहीं कराई है या उनके दस्तावेज रिकॉर्ड में अधूरे है। इस अनिवार्य ई-केवाईसी का मुख्य उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट और अवैध गैस कनेक्शनों पर पूरी तरह रोक लगाना है। इस प्रक्रिया के जरिए विभाग यह सत्यापित कर रहा है कि कनेक्शन धारक उपभोक्ता जीवित है या नहीं और कहीं नियमों के विरुद्ध एक ही परिवार में एक से अधिक एलपीजी कनेक्शन तो नहीं हैं, चूंकि पश्चिमी एशिया के युद्ध की वजह से एलपीजी का संकट बना हुआ है, इसलिए भी पेट्रोलियम मंत्रालय ने केवायसी कराने के निर्देश दिए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक यह लोग यदि 30 जून तक केवायसी करा लेते हैं तो उनकी सब्सिडी को उनके खातों में पहुंचा दिया जाएगा।
30 जून के बाद बंद हो सकता है कनेक्शन
पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक बिना केवायसी वाले उपभोक्ताओं की अभी सब्सिडी रोकी गई है। कई उपभोक्ताओं की दो से तीन सिलिंडर की सब्सिडी रुकी हुई है। यदि यह लोग 30 जून से पहले केवायसी करा लेते हैं तो रुकी हुई सब्सिडी मिल जाएगी, साथ ही कनेक्शन भी चालू रहेगा।
कमर्शियल सिलिंडर महंगे होने का असर
एक कनेक्शन पर साल में नौ सिलिंडर उपभोक्ता को मिलते हैं। इनमें से कई उपभोक्ता ऐसे हैं, जो साल में चार या पांच सिलिंडर का ही उपयोग कर पाते हैं, लेकिन जब से कमर्शियल सिलिंडर की दरें महंगी हुई है, तब से कम सिलिंडर लेने वाले उपभोक्ता भी निर्धारित समय के बाद बुकिंग करा रहे हैं और सिलिंडर ले रहे हैं। इसके पीछे की वजह यह है कि इन सिलिंडरों को व्यवसायिक उपयोग करने वालों को देकर वे भी मुनाफा कमा रहे हैं।
इनका कहना है
गैस उपभोक्ताओं को केवायसी कराना अनिवार्य है। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर उपभोक्तताओं की केवायसी की जा रही है। केवायसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग करने में दिक्कतें हो सकती हैं।
-अभय बगडिय़ा, परषोत्तम गैस एजेंसी







