एक और एक्सप्रेस-वे को मंजूरी, कटनी को मिलेगा फायदा, सागर से सतना तक बन रहा हाई स्पीड कॉरिडोर, 100 से 120 की रफ्तार में दौड़ेंगी गाडिय़ां, बुंदेलखंड और विंध्य के बीच अहम कड़ी

कटनी, यशभारत। सिंहस्थ में होने वाले कुंभ के पहले सरकार का पूरा ध्यान सडक़ों पर है। यही कारण है कि कटनी-सिंगरौली एक्सपे्रस-वे की मंजूरी के बाद अब सागर से सतना तक नए एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई है। प्रदेश सरकार की कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल चुकी है। माना जा रहा है कि 2028 तक इसका काम शुरू हो जाएगा, जबकि इसे 2030 तक पूरा करने का टारगेट है। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। इस एक्सपे्रस-वे के निर्माण के बाद सफर बेहद आसान हो जाएगा। इस हाई स्पीड कॉरिडोर के तैयार होने के बाद रीवा, प्रयागराज और बनारस से भोपाल की दूरी कम हो जाएगी, जिसका सीधा फायदा कटनी को मिलेगा। अब कटनी से भोपाल और कटनी से सिंगरौली का सफर सुगम हो जाएगा। बुंदेलखंड और विंध्य के बीच बनने वाला यह प्रोजेक्ट सरकार के लिए बेहद अहम है। इसकी लागत 9 हजार 850 करोड़ अनुमानित की गई है। यह फोर लेन हाईवे केवल दो शहरों के बीच की दूरी को कम नहीं करेगा, बल्कि यह मप्र और उप्र के बीच सुपरफास्ट स्पीड देगा।
73 किलोमीटर कम होगी दूरी
प्रदेश सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट को पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है। सागर और सतना के बीच की दूरी 73 किलोमीटर कम हो जाएगी। सागर सतना एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 227 किलोमीटर प्रस्तावित है। फिलहाल दोनों शहरों के बीच पारंपरिक रूटों से जाने में 300 किलोमीटर की कुल दूरी है लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बाद यह दूरी सीधे 73 किलोमीटर कम हो जाएगी। फिलहाल सिंगल लेन सडक़ों और लोकल ट्रैफिक के कारण सागर से सतना पहुंचने में 7 से 8 घंटे का समय लगता है लेकिन 4 लेन एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह सफर घटकर मात्र 3 से 4 घंटे हो जाएगा, जबकि भोपाल से सतना के बीच का सफर भी 70 से 80 किलोमीटर कम हो जाएगा और दोनों शहरों के बीच की दूरी 6 से 7 घंटे में पूरी हो जाएगी।
दोनों तरफ फेंसिंग, एंट्री-एग्जिट पॉइंट भी होंगे तय
प्रदेश के दो बड़े आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्र बुंदेलखंड और बघेलखंड को जोडऩे वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पूरी तरह से एक्सेस कंट्रोल हाईवे होगा, जहां गाडिय़ां 100 से 120 की रफ्तार से दौड़ेंगी। सुरक्षा के लिए इसके दोनों तरफ फेंसिंग होगी और एंट्री-एग्जिट पॉइंट तय होंगे, इसलिए इसे बुंदेलखंड और विंध्य के बीच का महा कॉरिडोर माना जा रहा है। जो एमपी के सडक़ प्रोजेक्ट में अहम है।





