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अनोखी जीवनगाथा : मौत आने के पहले ही चल गया मौत का पता ,पहले चुकाया हर हिसाब…चिता के बाद  सिर सुरक्षित बचा , जिसपर कुछ लिखा हैं…

मंडला lजिला मुख्यालय के पास तिलईपानी गाँव के निवासी और रामनगर चौराहे पर चाय-पान की दुकान चलाने वाले भानू यादव का 7 अगस्त को निधन हो गया, लेकिन अपनी मृत्यु से पहले उनके द्वारा किए गए काम आज पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि भानू यादव ने अपनी मौत की आहट को पहले ही भांप लिया था। भानू यादव ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में अपने सभी छोटे-बड़े लेन-देन का हिसाब-किताब चुकता कर दिया था। उन्होंने जिन लोगों से पैसे उधार लिए थे, उन्हें वापस लौटा दिया और जिनसे उन्हें पैसे लेने थे, वह भी ले लिए। इतना ही नहीं, उन्होंने बैंक में जमा अपनी सारी पूंजी भी निकाल ली थी। उनकी मृत्यु से एक दिन पहले, उन्होंने अपने ग्राहकों को उधार में चाय-नाश्ता देने से भी मना कर दिया था।

 

उनके नियमित ग्राहकों और बस चालकों ने बताया कि हमेशा हमारी उधारी चलती थी, लेकिन उस दिन उन्होंने साफ मना कर दिया। भानू यादव अक्सर कहा करते थे कि मौत का कोई ठिकाना नहीं… हिसाब-किताब साफ रखना चाहिए। उनके ये शब्द अब हर किसी की जुबान पर हैं। उनकी मृत्यु के बाद एक और विचित्र घटना सामने आई है, जिसमें कहा जा रहा है कि चिता के बाद उनका सिर सुरक्षित बच गया था और उस पर कुछ लिखा हुआ था। यह बात लोगों को हैरान कर रही है और पूरे जिले में इस पर चर्चा हो रही है।

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