मध्य प्रदेशराज्य
आवासीय विद्यालय में इलाज के आभाव में बालिका की मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन : छात्रावास में आधा सैंकड़ा से अधिक बालिकाएं बीमार, छात्रावास हो गया खाली

मंडला।एकलव्य आवासीय विद्यालय निवास में इलाज के आभाव में बालिका की मृत्यु होने के बाद प्रशासन के द्वारा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया। यहां निवास के ही गडरा नेता जी सुभाषचन्द्र बोस आवासीय छात्रावास में करीब आधा सैंकड़ा से अधिक बालिकाएं सर्दी खासी और बुखार से पीडि़त हो गई। स्वास्थ्य परीक्षण नहीं होने के चलते पूरा छात्रावास खाली हो गया। बालिकाएं छात्रावास को छोड़ कर घर चली गई है। पालको व ग्रामीणो ने छात्रावास की वार्डन पर लापरवाही के आरोप लगाए है। जिला कलेक्टर से वार्डन पर कार्रवाई की मांग की गई है।
बताया गया है कि यहां अध्ययनरत बालिकाओ को समुचित सुविधाएं नहीं मिल रही है। पोषकतायुक्त भोजन नहीं दिया जा रहा है। गुणवत्तायुक्त शिक्षा के अलावा अकादमिक संसाधन नही मिल रहे है। इसके कारण आवासीय शिक्षा प्राप्त करने वाली बालिकाओ को कई तरह की मानसिक व शारीरिक समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। आवासीय छात्रावास का क्रियान्यवन समग्र शिक्षा अभियान से किया जा रहा है। यहां पदस्थ डीपीसी और गडरा वार्डन की लापरवाही के चलते छात्रावासो की सुविधाओ में कटौती हो रही है।
छात्रावास की बालिकाओ के स्वास्थ्य बिगडऩे पर वार्डन से शिकायत भी की गई लेकिन वार्डन के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस वजह से एक के बाद छात्रावास की पचास से अधिक बालिकाएं बीमार होती गई। पिछले एक सप्ताह से बीमारी का प्रकोप बढ़ गया इनका उपचार तक नहीं कराया गया। इससे परेशान होकर बालिकाओं के परिजन अपने घर ले गए है। इससे पूरा छात्रावास खाली हो गया है।
सरपंच ने दी सूचना
गडरा सरपंच सोनवती कुम्भरे व धरम सिंह ने बताया है कि कस्तूरबा गांधी छात्रावास के बच्चो बीमार होने की जानकारी मिली। इसके बाद बीएमओ निवास व स्वास्थ्य टीम को पत्र लिखकर सूचना दी गई लेकिन अभी तक जांच परीक्षण नहीं किया गया। बताया गया है कि गत दिवस ही पालक बच्चो को अपने साथ बीमारी की हालत में ही घर ले गए। यहां अभी चालीस बच्चे ही छात्रावास मेंं है। कुछ बच्चो के लौटने की जानकारी है। अब बुधवार के दिन जांच परीक्षण के कैम्प लगाने की बात कही जा रही है।
इन्होंने कहा…
छात्रावास की बालिकाओ बीमार होने जानकारी मिलने पर मौजूद बालिकाओ का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इनमें अधिक संख्या में बालिकाएं पालको के साथ घर चली गई। लौट कर आने पर जांच कराकर समुचित उपचार कराया जाएगा।
सुनील दुबे बीईओ/ बीआरसी निवास






